मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक इमाम बारगाह के प्रबंधक ने इस घटना को अंजाम दिया है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है नौ सितंबर को हुई इस गंभीर घटना में इलेक्ट्रिशियन बुरी तरह घायल हो गया था।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित इलेक्ट्रिशियन रफीक अहमद ने घटना के तुरंत बाद इमाम बारगाह सदा-ए-हुसैन के प्रबंधक आरोपी अली रजा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी, क्योंकि उसने उसके इलाज का खर्च और मेहनताना देने का वादा किया था। लेकिन एक महीने तक लगातार कहने के बावजूद भी अली रजा ने उसे पैसे नहीं दिए, जिसके बाद मजबूर होकर उसने पुलिस का रूख किया।
इस घटना को लेकर पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, रफीक कई दिनों से अली रजा से पैसे की मांग कर रहा था। इस दौरान वह एक दिन जब पैसे मांगने आरोपी के यहां गया तो उसने पैसे देने के बजाए उसपर अपना पालतू शेर छोड़ दिया। शेर ने रफीक के चेहरे और हाथ को खरोंच लिया, जिससे वो घायल हो गया। हालांकि गनीमत तो ये रही कि पास से गुजर रहे राहगीर रफीक के चिल्लाने की आवाज सुनकर वहां पहुंच गए और उसे बचा लिया।