प्राचीन काल से ही नदियां देवी के रूप में पूजी जाती हैं और फिर भारत एक ऐसा देश है जहां नदियां सिर्फ पानी की धार नहीं होतीं, बल्कि जीवों को जीवन देती हैं। कुछ नदियां ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों से निकलती हैं, जैसे हिमालय से। पहाड़ की गोद में से निकलती ये नदियां बहुत लंबा सफर तय करती हैं और रास्ते में खेतों, गांवों, शहरों और लोगों को पानी देती हैं। पानी के लिए समस्त जीव इन्हीं नदियों पर पूरी तरह आश्रित हैं। गंगा, यमुना, सतलुज, रावी, व्यास, झेलम और चिनाब जैसी नदियां उत्तर भारत की जान हैं। यहां के लोग इन नदियों को पूजते भी हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारत में कितनी नदियां और कौन सी नदियां पाकिस्तान से जुड़ती हैं। आइए जानते हैं।
पाकिस्तान से जुड़ती हैं ये नदियां
बात करते हैं उन नदियों की जो भारत से निकलकर पाकिस्तान तक जाती हैं। ये नदियां मिलकर एक बड़ी नदी प्रणाली बनाती हैं, जिसे हम सिंधु नदी प्रणाली कहते हैं। इसमें सबसे बड़ी नदी है सिंधु, जो तिब्बत से निकलकर भारत के लद्दाख से गुजरती है और फिर पाकिस्तान चली जाती है। इसके साथ-साथ झेलम, चिनाब, रावी, सतलुज और व्यास भी हैं, जो या तो पाकिस्तान में जाकर मिलती हैं या फिर वहां से होकर बहती हैं।
पहलगाम हमले के बाद रद्द हुआ समझौता
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में एक समझौता हुआ था, जिसे सिंधु जल संधि कहा जाता है। इस संधि में यह तय किया गया कि कौन-सी नदियों का पानी भारत इस्तेमाल करेगा और कौन-सी का पाकिस्तान। समझौते के अनुसार, भारत को रावी, व्यास और सतलुज नदियों का ज्यादा पानी इस्तेमाल करने का अधिकार मिला, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब का ज्यादातर पानी पाकिस्तान को दिया गया। हालांकि, हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को स्थगित कर दिया है।
उत्तर भारत में बहती हैं ये नदियां
उत्तर भारत की प्रमुख नदियां हैं, जैसे- गंगा, यमुना, सतलुज, चंबल, घाघरा और गंडक। इनमें से गंगा सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र नदी मानी जाती है। गंगा और यमुना हरिद्वार, प्रयागराज और वाराणसी जैसे पवित्र शहरों से होकर बहती हैं। सतलुज और चंबल नदियां पंजाब, हिमाचल और राजस्थान की ओर बहती हैं।
दक्षिण भारत में बहती हैं ये नदियां
भारत में और भी कई नदियां हैं, जो केवल भारत में ही बहती हैं, जैसे गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, नर्मदा और तापी। ये नदियां मुख्य रूप से दक्षिण भारत और पश्चिम भारत में बहती हैं और वहां की खेती और जीवन का आधार हैं। कहते हैं कि नदियां सरहदों को नहीं मानती बस अपने रास्ते पर बहती रहती हैं और सबको जोड़ती हैं। ये नदियां न केवल भारत की भौगोलिक संरचना को प्रभावित करती हैं, बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण हैं।