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क्या है पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे का रहस्य? क्या सच में छिपा है इसके भीतर बेशुमार खजाना?

Tue, 09 Sep 2025 03:48 PM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

मान्यताओं के मुताबिक पद्मनाभस्वामी मंदिर में रखे खजाने की रक्षा अलौकिक देवता और नाग करते हैं। अगर कोई इसे खोलने का प्रयास करता है तो उसके साथ कई तरह की अनिष्टकारी घटनाएं हो सकती हैं।
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Padmanabhaswamy Temple - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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केरल के तिरुवनंतपुरम में पद्मनाभस्वामी मंदिर स्थित है। यह मंदिर सदियों से आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहा है। हालांकि, बीते कुछ दशकों में इस मंदिर की पहचान सिर्फ भगवान विष्णु के पवित्र मंदिर से ही नहीं बल्कि रहस्यमयी मंदिर के रूप में भी हुई है। साल 2011 में जब इस मंदिर के 6 दरवाजों को खोला गया था उस समय बेशुमार खजाना निकला था। वहीं 7वें दरवाजे को खोले जाने को लेकर काफी विवाद हुआ। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के 7वें दरवाजे को खोले जाने को लेकर रोक लगा दी। मान्यताओं के मुताबिक पद्मनाभस्वामी मंदिर में रखे खजाने की रक्षा अलौकिक देवता और नाग करते हैं। अगर कोई इसे खोलने का प्रयास करता है तो उसके साथ कई तरह की अनिष्टकारी घटनाएं हो सकती हैं। कई लोगों को इस प्राचीन काल की मान्यता पर भरोसा है। 

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पौराणिक मान्यता यह भी कहती है कि तहखाने की दरवाजे को केवल वही पुजारी खोल सकता है, जिसके पास गरुड़ मंत्र के जप का सटीक ज्ञान है। पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे का निर्माण लकड़ी से किया गया है। इस दरवाजे पर एक नाग की भव्य आकृति भी बनी हुई है। 

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मान्यताओं के मुताबिक इस दरवाजे की रक्षा खुद भगवान विष्णु के अवतार नाग करते हैं। अगर कोई इस दरवाजे को खोलने की कोशिश भी करता है तो बड़ी अनहोनी होने की संभावना है। पद्मनाभस्वामी मंदिर अपनी बेहतरीन कला, शिल्प और भव्यता का प्रतीक है। इसे केरल और द्रविड़ की मिश्रित स्थापत्य शैली में बनाया गया है। 

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इस मंदिर का निर्माण त्रावणकोर के राजाओं ने करवाया था। उस दौरान त्रावणकोर के राजा भगवान विष्णु की पूजा करते थे। उन्होंने अपनी संपत्ति और सबकुछ भगवान विष्णु को समर्पित कर दिया था।

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1750 में महाराजा मार्तेंड वर्मा ने अपने आप को भगवान का दास बताया था। मान्यताओं के अनुसार तब से इस मंदिर की देखरेख राजघराना करने लगा। इस मंदिर में भगवान विष्णु की 18 फीट लंबी प्रतिमा है। इसमें वे शेषनाग में शयन मुद्रा में हैं। 

नोट: इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। अमर उजाला इसकी पुष्टी नहीं करता है।

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