जब देश की सीमाओं पर तनाव होता है, तब हमारे सैनिक दिन-रात हमारी सुरक्षा के लिए डटे रहते हैं। ऐसे समय में उनका हौसला बढ़ाना हम सभी नागरिकों का फर्ज बनता है। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर सैन्य अभियान की शुरुआत की। ऑपरेशन शुरू होते ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया और भारत के कई राज्यों में ब्लैक आउट कर दिया गया। अब हाल ही में, कुछ ऐसा ही नजारा उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में देखने को मिला, जहां आम लोगों ने फौजियों का ऐसा स्वागत किया कि वह पल सबके दिलों को छू गया। आइए जानते हैं कि वीडियो में क्या दिखाया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह घटना हापुड़ के शिवा ढाबा की है। सेना के कुछ जवान वहां दोपहर का भोजन करने के लिए रुके थे। जैसे ही लोगों को पता चला कि फौजी वहां आए हैं, उन्होंने एक बेहद सम्मानजनक कदम उठाया। सभी लोग इकट्ठा होकर तालियां बजाने लगे और जवानों पर फूल बरसाने लगे। इस दौरान माहौल गर्व और देशभक्ति से भर गया। किसी ने इस सुंदर पल को कैमरे में कैद कर लिया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
लोगों ने लगाए ‘वंदे मातरम’ के नारे
वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही सैनिक ढाबे से बाहर निकलते हैं, वहां मौजूद लोग ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाने लगते हैं। ढाबे के वेटर पानी की थैलियां और बोतलें लेकर जवानों की सेवा में लगे होते हैं। आम लोग फौजियों से हाथ मिलाकर उनका अभिनंदन करते हैं।
लोगों को पसंद आ रहा है वीडियो
भारतीय सेना की वर्दी पहनना गर्व की बात है। इस वर्दी को देखते ही लोगों की आंखों में सम्मान और प्रेम झलकने लगता है। वीडियो में यह भावनाएं साफ झलकती हैं, लोग फूल बरसाते हैं, तालियां बजाते हैं और दिल से जवानों का सम्मान करते हैं। यह सीन सिर्फ सैनिकों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणा देने वाला है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @SachinGuptaUP नाम के यूजर ने पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक ढाबे पर खाना खाने आए फौजियों का लोगों ने फूल बरसाकर और तालियां बजाकर स्वागत किया।” इस वीडियो को अब तक 40 हजार से ज्यादा व्यूज और ढाई हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। 60 से अधिक लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे चुके हैं।
यूजर्स ने खूब की तारीफ
लोग इस वीडियो को देखकर उन नागरिकों की तारीफ कर रहे हैं जिन्होंने सेना का दिल से सम्मान किया। एक यूजर ने लिखा, “जिनकी वजह से हम महफूज हैं, उनका ये सम्मान बहुत जरूरी है।”