इस काम में लगे बेलारूस के सिपाही दमित्री कैमिंस्की कहते हैं, "सिर में गोली के छेद बिल्कुल साफ दिखाई देते हैं।" उनकी टीम आम तौर पर सोवियत सिपाहियों के कंकाल ढूंढने का काम करती है। यहां उन्हें छोटे बच्चों के सिर भी मिले और महिलाओं के ऐसे कंकाल भी मिले जिनकी गोद में बच्चे थे। दमित्रि के अनुसार, "लोगों के सिर में पीछे से गोली मारी गई थी और सभी शवों का चेहरा कब्र में नीचे की ओर था। नाजियों ने खाईयां खोदीं और लोगों को गोली मारी गई, वे इसमें गिर गए, फिर गोली मारी गई, वे फिर इसमें गिरे।"