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NASA को अंतरिक्ष में मिला खजाना, कीमत इतनी कि बांटने पर हर आदमी बन जाए अरबपति

Sat, 07 Mar 2020 03:29 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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16 साइकी - फोटो : Social media
कभी-कभी वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में ऐसी चीजें मिल जाती हैं, जो उन्हें ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को हैरान कर देती हैं। एक ऐसी हैरान करने वाली चीज अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा को मिली है। उन्हें अंतरिक्ष में एक बहुत बड़ा खजाना मिला है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इसकी कीमत इतनी है कि धरती पर मौजूद सभी लोगों को अगर बांटा जाए तो हर व्यक्ति अरबपति बन सकता है। 
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16 साइकी - फोटो : Social media
दरअसल, नासा ने अंतरिक्ष में बड़ी मात्रा में लोहे का आसमानी भंडार खोज निकाला है। असल में यह एक क्षुद्रग्रह (छोटा तारा) है, जिसे 16 साइकी (16 Psyche) नाम दिया गया है। करीब 120 मील चौड़ा यह क्षुद्रग्रह पूरी तरह से लोहे से ही बना हुआ है। इतना ही नहीं, इसमें सोना, प्लैटिनम और निकेल का भी भंडार है। 
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16 साइकी - फोटो : Social media
नासा के अनुमान के मुताबिक, इस क्षुद्रग्रह पर मौजूद धातुओं की कीमत करीब 8000 क्वॉड्रिलियन पाउंड है। क्वॉड्रिलियन को इस तरह भी समझ सकते हैं कि 8000 के बाद आपको आगे 15 शून्य (जीरो) लगाने पड़ेंगे। अनुमान है कि अगर इसे दुनिया के लगभग आठ अरब लोगों के बीच बांटा जाए, तो प्रत्येक के हिस्से में 9500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पैसे आएंगे। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
नासा के मुताबिक, यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी से 24 अरब मील दूर है, जहां किसी अंतरिक्ष यान को भी पहुंचने में करीब चार साल लगेंगे। यह मंगल और बृहस्पति के बीच सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। हालांकि नासा ने अपने एक बयान में कहा कि वह जल्द ही इस अद्वितीय धातु-समृद्ध क्षुद्रग्रह तक पहुंचने के लिए एक मिशन शुरू करेगा। यह मिशन स्पेस एक्स के सहयोग से शुरू किया जाएगा। अगर सबकुछ सही रहा तो माना जा रहा है कि इस मिशन की शुरुआत साल 2022 में होगी। 
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सौरमंडल के ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
वहीं, एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि साइको 16 नामक इस क्षुद्रग्रह को साल 1852 में इटली के खगोलशास्त्री एनीबेल डी गैस्परिस ने खोजा था। उन्होंने ही इसका नाम आत्मा की प्राचीन ग्रीक देवी के नाम पर रखा था। 
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