पृथ्वी के बाहर मिल गया जीवन? नासा ने की चौंकाने वाली खोज
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Science News: विज्ञान की दुनिया में एक खोज ने नई उम्मीद जगाई है। शोधकर्ताओं ने 49 प्रकाश-वर्ष दूर पृथ्वी की तरह एक ग्रह के चारों तरफ एक वायुमंडल की खोज है। इसकी सतह पर तरल पानी हो सकता है। उनको पथरीले एक्सोप्लैनेट के चारों तरफ भी ऐसे घेरों के संकेत मिले हैं, जो अपने तारे के रहने योग्य इलाके के बार स्थित है। इस इलाके में ग्रह की सतह पर तरल पानी हो सकता है। इसके कारण वहां पर धरती की जीवन की संभावना हो सकती है।
नासा के वैज्ञानिकों ने इससे पहले गैस वाले बड़े एक्सोप्लैनेट और सब-नेपच्यून के चारों तरफ वायुमंडल की खोज की है। हालांकि, यह नई खोज बिल्कुल अलग है। शोध के प्रमुख लेखक डॉक्टर कॉलिन चेरुबिम ने कहा कि हमारे सौर मंडल के बाहर रहने योग्य इलाके में स्थित एक पथरीले ग्रह पर वास्तव में अवलोकन से पुष्टि हुई है कि पहला वायुमंडल है।
कई मामलों में पृथ्वी से मिलता-जुलता है
डॉक्टर कॉलिन चेरुबिम ने बताया कि यह खोज वास्तव में रोमांचित करने वाली है। इससे पता चलता है कि LHS 1140b हमारे सौर मंडल के बाहर एस्ट्रोबायोलॉजी और रहने की क्षमता के शोध के लिए यह सबसे आशाजनक और रोमांचक प्रयोगशाला के रूप में सबसे आगे है।
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उन्होंने बताया कि LHS 1140b ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी से 5.6 गुना है और इसकी त्रिज्या 70 प्रतिशथ बड़ी है। चेरुबिम के मुताबिक, यह कुछ मामलों में पृथ्वी की तरह। उदाहरण के तौयर पर कुल बनावट और तापमान, लेकिन यह कुछ मामलों में अलग है। यह टाइडली लॉक्ड है, जिसमें बहुत ज्यादा पानी हो सकता है और इसका वायुमंडल भी बेहद अलग है।
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उनका कहना है कि नए अध्ययन से जानकारी मिली है कि LHS 1140b में रहने लायक सभी चीजें मौजूद हैं। इस चट्टानी ग्रह का तापमान ऐसा है कि यहां पर पानी हो सकता है। सबसे खास बात यह है कि यहां का वायुमंडल पानी को उड़ने से रोकता है। इसका तारा शांत है, जिसमें बहुत कम ऊर्जा विस्फोट होते हैं।
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वैज्ञानिको ने इस ग्रह की खोज की थी और यह अपेक्षाकृत पास है। यह तारामंडल में एक छोटे लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है। यह तारा हमारे सूर्य से छोटा और कम चमकदार है। लेकिन यह अपनी ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा आयनकारी विकिरण के तौर छोड़ता है।