मेट्समोर न्यूक्लियर पावर प्लांट
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1970 के दशक में यह न्यूक्लियर पावर प्लांट चेरनोबिल के साथ ही बनाया गया था। उन दिनों मेट्समोर रिएक्टर से विशाल सोवियत संघ की ऊर्जा की बढ़ती जरूरतें पूरी होती थी। सोवियत संघ ने 2000 तक अपनी जरूरत की 60 फीसदी बिजली परमाणु ऊर्जा से बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 1988 में सब कुछ बदल गया। 6.8 तीव्रता के भूकंप ने अर्मेनिया में तबाही मचा दी। भूकंप में करीब 25,000 लोग मारे गए। सुरक्षा कारणों से परमाणु बिजलीघर को बंद कर देना पड़ा, क्योंकि प्लांट के सिस्टम में बिजली की आपूर्ति में बाधा आ रही थी। मेट्समोर रिएक्टर में काम करने वाले कई कर्मचारी पोलैंड, यूक्रेन और रूस में अपने घर लौट गए।