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दुनिया का सबसे खौफनाक और रहस्यमय हत्यारा, जिसे कहा जाता था आधा दानव-आधा इंसान

Mon, 06 Jan 2020 04:56 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आज हम 125 साल पीछे जाएंगे। विक्टोरियन इंग्लैंड में जहां एक सीरियल किलर अपने मिशन पर है। 'जैक द रिपर'। एक बेहद खौफनाक हत्यारा जो केवल नशे में धुत्त वेश्याओं को ही अपना शिकार बनाता था। कौन था वो और क्यों करता था वेश्याओं की हत्या? बीबीसी विटनेस कार्यक्रम के आधार पर साइमन व्हॉट्स बता रहे हैं, 'जैक द रिपर' की सच्ची कहानी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सितंबर 1888, लंदन के अखबार में एक सनसनीखेज खत छपा। कहा जाता है कि वह खत लंदन के पूर्वी इलाके में घूम रहे एक खतरनाक हत्यारे ने लिखा था। अखबार में छपे खत में उसने अपनी पहली हत्या के बारे में वीभत्स तरीके से जानकारी दी थी। उसने यह भी बताया कि वह और हत्याएं करने वाला है। अखबार में छपे इस सनसनीखेज खत के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं थी कि इसे उस सीरियल किलर ने ही लिखा है। मगर इस खत ने उस हत्यारे को एक पहचान, एक नाम दे दिया 'जैक द रिपर'। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जैक द रिपर ने पांच हत्याएं की। सब की जान वह एक खास तरीके से लेता था। उन पांचों के गर्दन किसी तेज धार वाले हथियार से रेते गए थे। लंदन का व्हाइट चैपल इलाका वेश्याओं का गढ़ माना जाता था। जैक ने इसी इलाके में ज्यादातर हत्याओं को अंजाम दिया। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
31 अगस्त, 1988, जैक ने अपना पहला शिकार किया। वह मेरी एन निकोलस थी। मेरी निकोलस का शव सुबह-सुबह दो कारोबारियों को मिला। एक कारोबारी ने बताया, 'हम वहां गए। देखा एक औरत जमीन पर पड़ी हुई है। पहली नजर में पता नहीं चल रहा था कि वह नशे में धुत्त होकर पड़ी है या मर गई है। मेरे साथी ने टार्च दिखाई। उसका गला रेता हुआ था।' इस हत्या को बस एक ही सप्ताह गुजरा था कि एक और वेश्या, ऐनी चैपमेन की हत्या हो गई। हत्या लगभग एक ही तरीके से की गई थी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
'द स्टार', 8 सितंबर 1888। अखबार में खबर आई, 'लंदन खूनी साए के गिरफ्त में है। वह अनाम वहशी, आधा दानव, आधा इंसान, अभी तक फरार है। रोज सड़कों पर खतरनाक इरादों के साथ निकलता है, बेबस और कमजोर वर्ग के लोगों को अपना शिकार बनाता है। वह खून के नशे में है। बचो, उसे और शिकार चाहिए।'
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लंदन का पूर्वी इलाका व्हाइट चैपल अशांत हो उठा। हत्यारे को ढूंढ़ने में पुलिस ने अपनी सारी ताकत झोंक दी। पुलिस ने इलाके में रहने वाली लगभग सौ वेश्याओं से पूछताछ की। वेश्याओं ने एक ऐसे शख्स के बारे में बताया जो जबरन वसूली का गोरखधंधा चलाता था। दुर्भाग्य से वे उसका सही सही हुलिया नहीं बता पा रही थीं। उन्होंने बताया कि वह चमड़े का ऐप्रन हमेशा पहने रहता है। पुलिस को डर था कि चमड़े का ऐप्रन पहनने वाला वह आदमी कहीं कोई यहूदी न हो। उसे गिरफ्तार किए जाने पर दंगों के भड़क उठने का डर था। मगर राहत की बात है कि यह आशंका गलत साबित हुई। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सितंबर के अंत में अपने खतरनाक इरादों के साथ रिपर एक बार फिर सामने आया। इस बार उसने दो औरतों को अपना शिकार बनाया। एक अक्तूबर, 1888। 'द स्टार' ने फिर खबर छापी। 'सफेद चैपल वापस आ गया है। इस बार उसने दो शिकार किए।' ये हत्याएं रात के एक बजे हुईं। इस बार भी गला रेत कर हत्या की गई थी। दोहरे हत्या की इस वारदात ने लंदन ही नहीं दुनिया भर में सनसनी फैला दी। ब्रिटेन ही नहीं, दुनिया भर में यह खबर हेडलाइन बनी। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लंदन के पूर्वी इलाके, व्हाइट चैपल में घटना स्थल को देश भर से हजारों लोग वहां आए। यहां तक कि रानी विक्टोरिया भी यहां आने से खुद को न रोक सकीं। रानी विक्टोरिया चाहती थीं कि यहां बड़ी संख्या में जासूसों को लगाया जाए। उन्होंने कई तरह के सवाल उठाए। पूर्वी इलाके में सावधानी बरतते हुए पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई। चप्पे चप्पे पर जासूस लगाए गए। हत्यारे ने अपने कदम कुछ दिन के लिए रोक दिए। मगर एक ही महीने बाद ही उसे अंदाजा हो गया कि अब शिकार पर निकलने में कोई खतरा नहीं है। मेरी केली, रिपर की सबसे कम उम्र की शिकार साबित हुई। 25 साल उम्र थी उसकी। वह अकेली शिकार थी, जिसे घर के भीतर मारा गया। उसकी मकान मालकिन ने बताया कि उसकी हालत देखकर लगता था कि यह काम किसी इंसान का नहीं, बल्कि किसी हैवान का है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भले ही बाद में 'जैक द रिपर' ने हत्याएं करनी बंद कर दी, मगर वह विक्टोरिया युग के इंग्लैंड को याद दिलाता रहा। रिपर की कहानी इसलिए भी लोगों को रोमांचित करती है कि उसके बारे में अभी भी रहस्य बना हुआ है। जितने भी महत्वपूर्ण सबूत थे उन्हें नष्ट कर दिया गया। सवाल अब भी जिंदा है कि कौन था वो हत्यारा? क्या वह कोई पूर्वी प्रवासी था, या एक सामंत था? 
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