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इस देश की राजधानी का नाम है दुनिया में सबसे बड़ा, ठीक से बोल भी नहीं पाते लोग

Mon, 04 May 2020 10:59 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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थाईलैंड का एक खूबसूरत द्वीप - फोटो : Pixabay
थाईलैंड का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह दक्षिण पूर्व एशिया का एक देश है, जिसे पहले 'सियाम' नाम से जाना जाता था। साल 1948 में इसका नाम बदलकर थाईलैंड रखा गया। हालांकि कुछ लोग (खासतौर पर यहां बसने वाले चीनी लोग) थाईलैंड को आज भी सियाम नाम से ही पुकारना पसंद करते हैं। वैसे तो यह देश बौध धर्म के मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां के 95 फीसदी लोग बौध धर्म के अनुयायी हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां आज भी भगवान राम और विष्णु की पूजा होती है। दरअसल, यहां का राजपरिवार अपने आपको भगवान राम के बेटे कुश का वंशज मानते हैं। 
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भगवान विष्णु (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
आपको जानकर हैरानी होगी कि थाईलैंड का राष्ट्रीय ग्रंथ का नाम 'राम कियेन' है, जो रामायण का ही थाई संस्करण है। यहां का राष्ट्रीय चिह्न गरुड़ है और ये तो आप जानते ही होंगे कि गरुड़ को भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैसे तो पूरी दुनिया में लोग कुछ न कुछ अंधविश्वास को मानते ही हैं, लेकिन यहां के लोगो में भूत-प्रेतों को लेकर एक अजीब किस्म की मान्यता है। यहां कई लोग भूत-प्रेतों से बचने के लिए अपने घर में उनके लिए एक अलग कमरा बनवाते हैं। 

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थाईलैंड के राजा महा वाचिरालोंगकोंन - फोटो : Social media
इस देश में शाही परिवार का अपमान करना अपराध माना जाता है। चाहे वो इसी देश के निवासी हों या किसी और देश के। यह नियम हर किसी पर लागू होता है। दूसरे देश से आए पर्यटक भी अगर यहां राजपरिवार का अपमान करते हैं या उनकी आलोचना करते हैं तो उन्हें जेल हो सकती है। 
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थाईलैंड के बौद्ध (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
दुनिया के कई देशों में शरीर के किसी खास अंग को लेकर अलग-अलग मान्यताएं होती हैं। थाईलैंड में भी कुछ ऐसा ही है। यहां के लोग अपने माथे को शरीर का सबसे पवित्र अंग मानते हैं। यहां किसी दूसरे इंसान के माथे पर हाथ लगाना अच्छा नहीं माना जाता है। लोग ऐसा करने से बचते हैं। 
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बैंकॉक शहर, थाईलैंड - फोटो : Pixabay
वैसे तो लगभग हर देश किसी न किसी के गुलाम रह चुके हैं, लेकिन थाईलैंड एक ऐसा दक्षिण-पूर्व एशियाई देश है, जो कभी किसी यूरोपीय देश द्वारा गुलाम नहीं बना। हालांकि यूरोपीय शक्तियों के साथ हुई लड़ाई में इसे कुछ प्रदेश लौटाने जरूर पड़े थे, जो आज म्यांमार और मलेशिया का हिस्सा हैं। 
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थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक - फोटो : Social media
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक का नाम एक खास वजह से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। आपको शायद पता न हो, लेकिन इस शहर का नाम दुनिया में सबसे लंबा है। बैंकॉक तो इसका अंग्रेजी नाम है। असल में इसका पूरा नाम संस्कृत और पालि भाषा से मिलकर बना है। यह नाम इतना बड़ा है कि आप इसे ठीक से बोल भी नहीं पाएंगे। बैंकाक का पूरा नाम है, 'क्रुंग देवमहानगर अमररत्नकोसिन्द्र महिन्द्रायुध्या महातिलकभव नवरत्नराजधानी पुरीरम्य उत्तमराजनिवेशन महास्थान अमरविमान अवतारस्थित्य शक्रदत्तिय विष्णुकर्मप्रसिद्धि'। 
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