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कछुओं के बारे में कुछ हैरान करने वाले रोचक तथ्य, शायद ही जानते होंगे आप

Tue, 09 Jun 2020 06:15 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
धरती पर हजारों किस्म के जीव-जंतु मौजूद हैं। उन्ही में से एक है कछुआ, जो कई मायनों में खास है। क्या आप जानते हैं कि पृथ्वी पर सबसे अधिक दिन तक जिंदा रहने वाला जीव कौन सा है? बेशक ये कछुआ है। माना जाता है कि कछुओं की उम्र 150-200 साल के करीब होती है। प्राचीन धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु ने 'कच्छप अवतार' (कछुआ के रूप में अवतार) लिया था। ऐसी धारणा है कि भगवान के आशीर्वाद से ही कछुओं की उम्र सबसे अधिक होती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कछुए कोई हाल-फिलहाल के जीव नहीं हैं बल्कि धरती पर उनका अस्तित्व करोड़ों साल से है। ये सांप, छिपकली और मगरमच्छ से भी पहले से धरती पर रह रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ साल पहले वैज्ञानिकों को कछुए का एक 12 करोड़ साल पुराना जीवाश्म मिला था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
धरती पर कछुओं की लगभग 350 प्रजातियां हैं, जिनमें से कुछ पानी में रहती हैं तो कुछ जमीन पर। हालांकि आज के समय में कछुओं की कई प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर हैं। शायद ही आपको ये पता होगा कि अंटार्कटिका को छोड़कर कछुए सभी महाद्वीपों पर रहते हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैसे तो लगभग सभी जीव-जंतुओं के दांत होते ही हैं, लेकिन कछुओं के मुंह में दांत नहीं होते। इसके बदले उनके मुंह में एक तीखी प्लेट की तरह हड्डी का पट्ट होता है, जो खाना चबाने में उनकी सहायता करता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अगर आपने कछुए और खरगोश की कहानी सुनी होगी तो आपको पता ही होगा कि ये बहुत धीमी गति से चलते हैं। आमतौर पर कछुए 270 मीटर प्रति घंटे (6.4 किलोमीटर प्रति दिन) की रफ्तार से चलते हैं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक किसी कछुए की अधिकतम रफ्तार एक किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कछुओं का कवच इतना मजबूत होता है कि वो बंदूक की गोली तक का भी सामना कर सकता है। माना जाता है कि इनके कवच को तोड़ने के लिए उनके वजन से 200 गुना ज्यादा वजन की जरूरत पड़ेगी। हालांकि बाज पक्षियों को इसे तोड़ने की तरकीब पता है। वो कछुए को अपने पंजों में दबा कर काफी ऊंचे उड़ जाते हैं और फिर उसे वहां पत्थरों या पहाड़ियों पर गिरा देते हैं, जिससे कवच टूट जाता है। 
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