विदेश यात्रा के दौरान हर कोई अच्छी यादें लेकर लौटना चाहता है, लेकिन कभी-कभी एक छोटी-सी घटना पूरी यात्रा का अनुभव बदल देती है। जापान के शिजुओका प्रांत में एक भारतीय पर्यटक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक सुविधा स्टोर में खाना गर्म करवाने पहुंचे कंटेंट क्रिएटर अनंत ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी राष्ट्रीयता की वजह से अपमान और कथित नस्लभेद का सामना करना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तो आइए जानते हैं।
खाना गर्म करवाने पर कर्मचारी ने जता दी असहमति
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में अनंत ने बताया कि यह घटना शिजुओका में उनके आखिरी दिन हुई। उनके मुताबिक, वह एक 7-Eleven सुविधा स्टोर में अपना खाना गर्म करवाने पहुंचे थे। वहां मौजूद एक नेपाली कर्मचारी से उन्होंने भोजन गर्म करने का अनुरोध किया, जिस पर कर्मचारी ने सहमति जता दी।
नस्लीय भेदभाव का शिकार हुआ युवक
अनंत का कहना है कि इसी दौरान स्टोर की मालकिन या मैनेजर वहां पहुंचीं और उनका व्यवहार अचानक खराब हो गया। उन्होंने सबसे पहले अनंत से उनकी राष्ट्रीयता पूछी। जैसे ही उन्होंने बताया कि वे भारत से हैं, माहौल बदल गया। अनंत के मुताबिक इसके बाद महिला ने ऊंची आवाज में बात करनी शुरू कर दी और उनके खिलाफ नस्लीय कमेंट्स भी किया। उन्होंने वीडियो में कहा, "मैंने बताया कि मैं भारत से हूं फिर उन्होंने पुलिस बुला ली।"
युवक ने मोबाइल में किया रिकॉर्ड
स्थिति बिगड़ती देख अनंत ने पूरी घटना अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करनी शुरू कर दी। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि जरूरत पड़ने पर यह फुटेज उनकी बेगुनाही का सबूत बन सके। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। अनंत के अनुसार अधिकारियों ने पूरे मामले को शांतिपूर्वक सुना और रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी देखा। जांच के बाद पुलिस ने पाया कि उनकी ओर से कोई गलत हरकत नहीं की गई थी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया और स्टोर की मालकिन को फटकार भी लगाई।
लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शंस
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आखिरी अपडेट तक इसे करीब दस लाख बार देखा जा चुका था। कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने नेपाली कर्मचारी की ईमानदारी की सराहना करते हुए अनंत से उससे संपर्क करने की अपील की। हालांकि, अनंत ने जवाब में बताया कि उन्होंने कर्मचारी से मिलने की काफी कोशिश की, लेकिन पुलिस और स्टोर मालिक ने उन्हें उससे बात नहीं करने दी। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि कर्मचारी के साथ इतना सख्त व्यवहार क्यों किया गया, शायद इसलिए क्योंकि उसने सच बोलने की कोशिश की।