वैज्ञानिकों को किसी भी देश के विकास में अहम भागीदार माना जाता है। उनकी खोजें देश के साथ-साथ दुनिया को भी एक नई दिशा देती हैं। आज हम आपको भारत के एक ऐसे वैज्ञानिक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जन्मदाता माने जाने वाले वैज्ञानिकों, जैसे विक्रम साराभाई (इसरो के संस्थापक और पहले अध्यक्ष), सतीश धवन और भारत के राष्ट्रपति रहे एपीजे अब्दुल कलाम के साथ काम किया, लेकिन बाद में उसे देश का 'गद्दार' माना गया। हालांकि चार साल के बाद उस वैज्ञानिक को न्याय मिला और उसके ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से उसे बरी कर दिया गया।