दिल्ली में इंडिया गेट घूमने पहुंचे कुछ लोगों ने ऐसी हरकत कर दी, जिसने सार्वजनिक जगहों पर नियमों की अनदेखी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इंडिया गेट के पास बने फाउंटेन में बाकायदा हिंदी और अंग्रेजी में चेतावनी लिखी है- ‘पानी में प्रवेश नहीं करें’। इसके बावजूद कई लोग इस चेतावनी को दरकिनार कर फाउंटेन में उतरते दिखाई दिए। किसी ने पानी में पैर डुबोए तो कोई अंदर बैठकर वीडियो बनाने लगा। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मामला यहीं नहीं रुका। वायरल वीडियो में कुछ लोग फाउंटेन से निकलते पानी को हाथ लगाते नजर आते हैं, जबकि कुछ युवक बड़े फाउंटेन पर चढ़ने की कोशिश करते दिख रहे हैं। आसपास मौजूद कई पर्यटक किनारे पर बैठे हैं और उनके पैर पानी में डूबे हुए हैं। यानी जिस जगह पर लोगों को पानी से दूर रहने की हिदायत दी गई थी, वहीं कुछ लोगों ने उसे मौज-मस्ती की जगह बना दिया।
वीडियो देख लोग हुए हैरान
इस पूरी घटना का वीडियो एक्स पर साझा किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों का ध्यान सिर्फ फाउंटेन में उतरने वालों पर ही नहीं, बल्कि चेतावनी बोर्ड पर भी गया। बताया गया कि बोर्ड पर लिखे ‘नहीं’ शब्द को ही मिटा दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा कि जब नियम बताने के लिए बोर्ड तक लगाया गया है तो आखिर उसे मानने की जिम्मेदारी किसकी है?
यूजर्स ने जताई नाराजगी
वीडियो पर कई यूजर्स ने इस व्यवहार की आलोचना की और ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाने की मांग की। एक यूजर ने लिखा, ‘ये लोग नहीं सुधरेंगे।’ दूसरे ने भारतीयों में सिविक सेंस की कमी पर सवाल उठाया। एक और यूजर ने कहा कि वीडियो में बहुत कुछ गलत है और लोगों में न शर्म है, न नागरिक समझ। कुछ यूजर्स ने पानी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। एक कमेंट में पूछा गया कि गीले कपड़ों में ये लोग घर कैसे जाएंगे और क्या फाउंटेन का पानी तैरने या नहाने के लिए सुरक्षित है। वहीं, एक और यूजर ने मजाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि सिविक सेंस का भी सिबिल स्कोर जैसा स्कोर होना चाहिए और 70 फीसदी से कम स्कोर वालों को ऐसे स्थानों में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए।
पहले भी वायरल हो चुका है ऐसा वीडियो
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं। गौरतलब है कि इससे पहले इंडिया गेट के पास कचरे के ढेर का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिस पर लोगों ने सार्वजनिक जगहों पर सिविक सेंस की कमी को लेकर सवाल उठाए थे।