वह खिलाड़ी वेस्ट इंडीज के एक पूर्व क्रिकेटर थे। उनका नाम लेस्ली जॉर्ज हिल्टन था। लेस्ली एक तेज गेंदबाज थे। उन्होंने 1935 से लेकर 1939 तक वेस्ट इंडीज की ओर से 6 टेस्ट मैच खेले हैं। लेस्ली हिल्टन को अपनी पत्नी की हत्या के जुर्म में 17 मई, 1955 को फांसी दे दी गई थी। इस हत्या के पीछे का कारण भी बड़ा दिलचस्प है। कहा जाता है कि उन्होंने अपनी पत्नी लार्लीन रोज की बेवफाई से खफा होकर उसकी हत्या कर दी थी।
लेस्ली और लार्लीन साल 1935 में पहली बार एक दूसरे से तब मिले थे, जब लेस्ली हिल्टन अपना डेब्यू मैच खेल रहे थे। इस दौरान दोनों को प्यार हो गया और कुछ वर्षों के बाद साल 1942 में दोनों ने शादी कर ली। इसके 5 साल बाद उनका एक बेटा भी हुआ, लेकिन शादी के 12वें साल दोनों के शादीशुदा रिश्ते में दरार पड़ गई
जानकारी के मुताबिक, लार्लीन का कपड़ों का कारोबार था और वो उसी के सिलसिले में अक्सर न्यूयॉर्क जाती रहती थीं। कहा जाता है कि एक बार ऐसे ही लार्लीन अपने काम को लेकर न्यूयॉर्क गई हुई थीं, इसी बीच लेस्ली को एक गुमनाम चिट्ठी मिली। इस चिट्ठी में लार्लीन और न्यूयॉर्क के एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंधों का जिक्र किया गया था।
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गुमनाम चिट्ठी मिलने के बाद लेस्ली ने आव देखा न ताव, तुरंत अपनी पत्नी को न्यूयॉर्क से वापस बुलाया और इसके बारे में पूरे परिवार को बता दिया। हालांकि, पहले तो लार्लीन ने अवैध संबंधों से इनकार किया, लेकिन बाद में उसने बताया कि वो उस व्यक्ति को सिर्फ जानती हैं।
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लेस्ली भी हार मानने वालों में से नहीं थे। उन्होंने पोस्ट ऑफिस से कुछ और चिट्ठियां निकलवाई, जो लार्लीन को लिखे गए थे और उन्हें अपनी पत्नी को दिखाया। इसके बाद लार्लीन ने ये कबूल कर लिया कि उसके अवैध संबंध थे। लार्लीन ने अपने अवैध संबंधों का खुलासा करते हुए बताया कि लेस्ली से उनका कोई मेल नहीं था, वो उनके लेवल के नहीं थे और इसी कारण वो हमेशा बीमार रहती थीं।
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बताया जाता है कि लार्लीन की इस बात से लेस्ली इतने नाराज हुए कि उन्होंने अपने लाइसेंसी बंदूक से अपनी पत्नी को ताबड़तोड़ 7 गोलियां मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद यह मामला अदालत में पहुंचा और कोर्ट ने 20 अक्तूबर, 1954 को लेस्ली को उनकी पत्नी की हत्या का दोषी पाया और उसके बाद उन्हें फांसी की सजा सुना दी।