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खेती नहीं हुई तो पाल ली मुर्गियां, देखते ही देखते खड़ा कर दिया करोड़ों अंडों का साम्राज्य

Wed, 26 Aug 2026 09:54 AM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Egg City: तमिलनाडु का नमक्कल जिला कभी सूखे और खेती के लिए मुश्किल जमीन के कारण जाना जाता था। स्थानीय लोगों ने 1960 के दशक में ट्रांसपोर्ट के साथ छोटे स्तर पर पोल्ट्री का काम शुरू किया। धीरे-धीरे यही कारोबार इतना बढ़ा कि आज नमक्कल को 'एग सिटी' कहा जाता है और यहां रोजाना 6 करोड़ से ज्यादा अंडों का उत्पादन होने का दावा किया जाता है।
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खेती ने नहीं दिया साथ तो मुर्गियों ने बदली किस्मत - फोटो : AI
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विस्तार
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किस्मत बदलने के लिए हमेशा जमीन का उपजाऊ होना जरूरी नहीं है। तमिलनाडु के नमक्कल जिले की कहानी इसका एक दिलचस्प उदाहरण है। जिस इलाके में खेती करना आसान नहीं था और जो कभी सूखे की मार झेलता था, वहां के लोगों ने मुर्गी पालन को कमाई का जरिया बनाया। देखते ही देखते छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह काम इतना बड़ा हो गया कि नमक्कल आज 'एग सिटी' के नाम से पहचाना जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नमक्कल के पोल्ट्री कारोबार की कहानी बताई गई है। इसके मुताबिक 1960 के दशक में कुछ स्थानीय लोगों ने ट्रांसपोर्ट के काम के साथ छोटे-छोटे पोल्ट्री शेड बनाने की शुरुआत की थी। तो आइए जानते हैं।

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100 मुर्गियों से शुरू हुआ सफर
कहानी की शुरुआत किसी बड़े फार्म या करोड़ों के निवेश से नहीं हुई थी। वायरल वीडियो के मुताबिक, शुरुआती दौर में सिर्फ 100 मुर्गियों के साथ एक छोटी-सी झोपड़ी में पोल्ट्री का काम शुरू किया गया। धीरे-धीरे आसपास के गांवों के लोग भी इस कारोबार से जुड़ते चले गए। पोल्ट्री पालन ने लोगों को कमाई का नया रास्ता दिया और समय के साथ इसका दायरा लगातार बढ़ता गया। वीडियो में बताया गया है कि 1990 तक यह कारोबार हजारों फार्म्स तक फैल चुका था। आज यहां आधुनिक तकनीक की मदद से 1100 से ज्यादा बड़े लेयर फार्म चल रहे हैं।

रोजाना 6 करोड़ से ज्यादा अंडों का उत्पादन
नमक्कल की पहचान अब सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं है। यहां तैयार होने वाले अंडे देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, इन्हें ओमान, कुवैत, दूसरे खाड़ी देशों और अफ्रीकी देशों में भी एक्सपोर्ट किया जाता है। यहां वैज्ञानिक तरीके से तैयार फीड और मल्टी-स्टोरी शेड्स जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं आधुनिक तरीकों की मदद से बड़े स्तर पर पोल्ट्री उत्पादन बनाए रखने में मदद मिलती है। वायरल वीडियो के मुताबिक, आज नमक्कल में रोजाना 6 करोड़ से ज्यादा अंडों का उत्पादन हो रहा है।
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बड़े कारोबार का ले चुका है रूप
नमक्कल की कहानी बताती है कि जब किसी इलाके में खेती मुश्किल हो, तब भी वहां के लोग दूसरे रास्ते तलाश कर अपनी आर्थिक तस्वीर बदल सकते हैं। छोटे से पोल्ट्री शेड से शुरू हुआ सफर आज एक बड़े कारोबार का रूप ले चुका है।

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