इंडिया गेट
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दरअसल, उस कोड में 'इंडिया गेट' पर आतंकी हमले की बात कही गई थी और तारीख तय की गई थी 25 फरवरी, 2003। इधर, जब कोड को लेकर यह पूरी तरह से पक्का हो गया कि डिकोड सही है तो इसकी जानकारी गृह मंत्रालय को दी गई। 22 फरवरी की देर रात तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें देश की खुफिया एजेंसियों के प्रमुख, गृह सचिव और दिल्ली पुलिस (स्पेशल सेल) के संयुक्त पुलिस आयुक्त नीरज कुमार भी शामिल थे। नीरज कुमार ने बैठक में शुरू से लेकर अंत तक की सारी बातें विस्तार से बताई और खासकर उस कोड के बारे में। इसके बाद सरकार द्वारा वो फैसला लिया गया, जो कभी नहीं हुआ था।