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HantaVirus: सांप या चमगादड़ नहीं चूहों से फैलता है हंता वायरस, कोरोना की तरह ही हैं इसके भी लक्षण

Tue, 24 Mar 2020 07:37 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के बाद अब चीन में हंता वायरस ने दस्तक दी है। इससे वहां के युनान प्रांत में एक व्यक्ति की मौत की भी सूचना है। सोशल मीडिया पर #HantaVirus खूब ट्रेंड कर रहा है। अब चूंकि महामारी बन चुके कोरोना वायरस से पूरी दुनिया पहले से ही परेशान है और वो भी चीन से ही दुनियाभर में फैला है, ऐसे में एक नए वायरस के आने से लोग दहशत में हैं। इस बीमारी के फैलने को लेकर भी तरह-तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। ऐसे में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। आइए जानते हैं आखिर हंता वायरस फैलता कैसे है और इससे बचने के क्या उपाय हैं...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के बारे में पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि यह सांप या चमगादड़ खाने से फैला है। हंता वायरस को लेकर भी कुछ ऐसा ही अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन हम आपको बता दें कि यह सांप या चमगादड़ से नहीं बल्कि चूहों से फैलता है।



सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक, अगर कोई इंसान चूहों के मल-मूत्र या लार को छूने के बाद अपने चेहरे को छूता है तो वो हंता वायरस से संक्रमित हो सकता है।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हालांकि गनीमत है कि कोरोना वायरस की तरह हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, लेकिन इसके संक्रमण का पता लगाने में डॉक्टरों को एक से आठ हफ्तों का समय लगता है। जबकि कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने में अधिकतम 14 या 15 दिन का समय लगता है। 

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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
हंता वायरस के लक्षण लगभग कोरोना वायरस की तरह ही हैं। अगर कोई इंसान इस वायरस से संक्रमित है तो उसे बुखार, सर्दी, बदन दर्द और उल्टी आने जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है। इससे संक्रमित व्यक्ति की जब हालत बिगड़ती है तो उसके फेफड़ों में पानी भरने जैसी समस्या भी हो सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस की तरह हंता वायरस कोई नई बीमारी नहीं है बल्कि इसकी शुरुआत 20वीं सदी में हुई थी। साल 1993 में अमेरिका में इस बीमारी की जब निगरानी करनी शुरू की गई तो जनवरी 2017 तक हंता वायरस के कुल 728 मामले सामने आए। यह सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का आंकड़ा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी छोर पर स्थित पेटागोनिया में 28 अक्तूबर 2018 से 20 जनवरी 2019 तक हंता वायरस के कुल 29 मामले सामने आए थे, जिसमें से 11 लोगों की मौत भी हो गई थी। इसके बाद अर्जेंटीना ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा चेतावनी भी जारी की थी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की मानें तो हंता वायरस में मृत्यु दर 38 फीसदी होती है। कोरोना की तरह ही इस बीमारी का भी कोई 'विशेष इलाज' नहीं है, लेकिन सावधानी बरतने से इससे बचा जरूर जा सकता है। इससे बचने का तरीका है कि चूहों के मल-मूत्र या लार को छूने से बचें और अगर गलती से छू भी दिया तो हाथ को अच्छी तरह साबुन से धोएं, ताकि वायरस जिंदा न बचे और हंता वायरस से संक्रमण की कोई संभावना न रहे। इसके अलावा सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।  
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