गुजरात के गिर क्षेत्र से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया है। एशियाई शेरों के लिए मशहूर इस इलाके में एक किसान शेर, शेरनी और उनके शावकों के बेहद करीब बेखौफ चलता नजर आया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि किसान और सिंह परिवार के बीच महज पांच फीट की दूरी थी, लेकिन न तो किसान के कदम डगमगाए और न ही शेरों ने किसी तरह की आक्रामक प्रतिक्रिया दिखाई। यही वजह है कि यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। तो आइए जानते हैं कि वीडियो में और क्या दिखाया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बताया जा रहा है कि यह घटना ऊना तालुक के पातापुर गांव की है। वायरल वीडियो में किसान मसरीभाई को शेर, शेरनी और उनके बच्चों के पीछे आराम से चलते देखा जा सकता है। कैमरे में कैद यह सीन किसी वन्यजीव डॉक्यूमेंट्री जैसा लगता है, लेकिन यह गांव की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बताया जा रहा है। वीडियो देखने वाले लोग जहां किसान के साहस पर हैरानी जता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे इंसान और वन्यजीवों के बीच बने संतुलन की मिसाल भी मान रहे हैं।
शेरों की मौजूदगी से नहीं डरे लोग
स्थानीय लोगों के मुताबिक पातापुर गांव में शेरों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। उनका कहना है कि यहां शेरों का स्थायी निवास जैसा माहौल बन चुका है। इसके बावजूद अब तक मानव पर हमले की कोई घटना सामने नहीं आई है। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गांव की महिला सरपंच अरुणाबेन चोदावडिया ने पूरे गांव में 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
क्या बोले वन अधिकारी?
जानकारी की मानें तो गिर नेशनल पार्क और उससे सटे इलाकों में शेरों की संख्या बढ़ने के कारण अब वे अक्सर गांवों और खेतों तक पहुंचने लगे हैं। कई बार वे मवेशियों का शिकार भी कर लेते हैं, जिससे स्थानीय लोगों पर तनाव की स्थिति बन जाती है। ऐसे मामलों को देखते हुए वन विभाग गांवों में गश्त बढ़ाने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रहा है। वन अधिकारियों का कहना है कि शेर नॉर्मल परिस्थितियों में इंसानों पर हमला नहीं करते, जब तक उन्हें किसी तरह का खतरा महसूस न हो। फिर भी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अगर शेर दिखाई दे तो घबराकर भागने के बजाय शांत रहें और धीरे-धीरे पीछे हटें। बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न भेजें, रात के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और मवेशियों को सुरक्षित बाड़े में रखें।