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Pyramids Alien: एलियंस से बात करने के लिए बनाए गए थे मिस्र के पिरामिड, वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला दावा

Tue, 19 May 2026 04:31 PM IST
Dharmendra Kumar Singh फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Pyramids Alien: दुनिया के पहली गीजा के महान पिरामिड के निर्माण को लेकर एक वैज्ञानिक ने सनसनीखेज दावा किया है। वैज्ञानिक का कहना है कि एलियंस से बात करने के लिए पिरामिड बनाए गए थे। 
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एलियंस से बात करने के लिए बनाए गए थे मिस्र के पिरामिड, वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला दावा - फोटो : AI
Pyramids Alien: मिस्र में स्थित गीजा के विशाल पिरामिड दुनिया के लिए एक पहेली हैं। मिस्र के पिरामिड के निर्माण को लेकर अक्सर चर्चा होती है। अभी कहा जाता है कि इनका निर्माण प्राचीन राजाओं के शवों को दफनाने और धार्मिक प्रतीकों के तौर किया गया था। लेकिन अब एक नई थ्योरी सामने आई हैं, जिसमें हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। 

एक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि गीजा के महान पिरामिड का निर्माण एलियंस से संपर्क साधने के लिए किया था। यह पिरामिड ग्रेविटेशनल ट्रांसमीटर यानी गुरुत्वाकर्षण संचार यंत्र थे। इस नए शोध में कहा गया है कि पिरामिडों का अंतरिक्ष की दूसरी दुनिया के जीवों को धरती का पता बताने वाले एक कॉस्मिक जीपीएस के तौर किया जाता था।
 
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एलियंस से बात करने के लिए बनाए गए थे मिस्र के पिरामिड, वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला दावा - फोटो : Adobe Stock
नई थ्योरी में चौंकाने वाला खुलासा 

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस चौंकानी वाली थ्योरी सामने लाने वाले वैज्ञानिक का नाम जलाल जाफरी है, ईरान की शाहिद बेहश्ती यूनिवर्सिटी के लेजर एंड प्लाज्मा इंस्टीट्यूट से जुड़े हैं। जाफरी ने कहा कि पिरामिड सिर्फ वास्तुकला का बेजोड़ नमूना नहीं हैं। इनका निर्माण एक विशाल भौगोलिक मार्कर के तौर किया गया था। उनका कहना है कि यह ढांचा एक बड़े और बेहद उन्नत गुरुत्वाकर्षण संचार तंत्र हो सकता है। इसके जरिए बाहरी अंतरिक्ष की सभ्यताओं से संपर्क किया जाता था।
 
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एलियंस से बात करने के लिए बनाए गए थे मिस्र के पिरामिड, वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला दावा - फोटो : Adobe Stock
पेश किया है गणितीय सबूत

जलाल जाफरी ने अपनी थ्योरी को साबित करने के लिए एक गणतीय सबूत दिया है, जो बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि महान पिरामिड की भौगोलिक स्थिति 29.979234 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर स्थित है। अगर इस नंबर को हटा दिया जाता है, तो यह भौतिकी में प्रकाश की गति (299,792,458 मीटर प्रति सेकंड) से बिल्कुल हुबहू मेल खाता है। जाफरी का कहना है कि शुरुआत के सात अंकों तक यह समानता शत-प्रतिशत सटीक है, जिसे कोई इत्तेफाक नहीं कहा जा सकता है। 

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एलियंस से बात करने के लिए बनाए गए थे मिस्र के पिरामिड, वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला दावा - फोटो : Adobe Stock
ब्रह्मांड में तैरता हुआ पूरी पृथ्वी का एक साइनबोर्ड थे पिरामिड

जलाल जाफरी की थ्योरी के मुताबिक, पिरामिडों के निर्माण के लिए पृथ्वी की स्थिति, इसकी घूर्णन गति और ब्रह्मांडीय स्थिरांकों से जुड़े गुप्ट डेटा को कोड किया था। इसकी वजह यह थी कि अंतरिक्ष की कोई भी बुद्धिमान सभ्यता गणित के माध्यम से हमारे स्थान की अंतरिक्ष में सटी खोज कर सके। जाफरी ने अपनी थ्योरी में अन्य पिरामिडों जैसे खफरे और मेन्कुरे का भी जिक्र किया है। 

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एलियंस से बात करने के लिए बनाए गए थे मिस्र के पिरामिड, वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला दावा - फोटो : Adobe Stock
दूसरे वैज्ञानिकों ने खड़े किए सवाल

जाफरी ने खुद मानते हैं कि अभी सिर्फ एक सैद्धांतिक विचार है। इस थ्योरी को साबिक करने अभी बहुत डेटा और शोध की आवश्यकता है। शोध पत्र का अभी पीयर-रिव्यू भी नहीं हुआ है। कई वैज्ञानिकों ने इस थ्योरी पर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि प्राचीन मिस्र में लोगों के पास अंतरिक्ष में ऐसी कोई जानकारी या सिग्नल भेजने का सधान नहीं था। 
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