फ्रैंक कैमिनी ने साल दूसरे विश्व युद्ध के दौरान फ्रैंक कैमिनी यूरोप सेना के हिस्सा थे। आर्मी मैप सेवा में खगोलशास्त्री के रूप में काम करने वाले फ्रैंक कैमिनी को समलैंगिक होने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था। आर्मी से निकलने के बाद उन्होंने फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद हार्वर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की।
नौकरी से निकाल दिए जाने के कारण कैमिनी ने सरकार पर मुकदमा दायर किया और साल 1961 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में पहली समलैंगिक अधिकार अपील दायर की। इसके बाद उन्होंने व्हाइट हाउस और पेंटागन के बाहर कई बार विरोध प्रदर्शन किया।
फ्रैंक कैमिनी ने पहला समलैंगिक अधिकार वकालत समूह तैयार किया और समलैंगिकता को मानसिक परेशानी बताने वाले अमेरिकी साइकेट्रिक एसोसिएशन को खुलकर चुनौती दी। इसका असर ये हुआ कि साल 1975 में सिविल सर्विस कमीशन ने समलैंगिक कर्मचारियों पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया।
फ्रैंक कैमिनी को समलैंगिक अधिकारों का अगुवा कहा जाता है। समलैंगिक होने के कारण नौकरी से बर्खास्त किए जाने के 50 साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद कैमिनी से अमेरिकी सरकार ने औपचारिक रूप से माफी मांगी।