इसी कड़ी में मतदाताओं को रिझाने के लिए एक बीजेपी नेता ने गटारी अमावस्या पर फ्री चिकन बांटने का एलान किया था, लेकिन जब भारी संख्या में चिकन लेने के लिए लोग पहुंचे तो, अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली और लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ता ने अपने नेता सचिन शिंदे के प्रचार के लिए चौराहों पर एक पोस्टर लगाया था।
शनिवार सुबह लगाए गए पोस्टर में लिखा गया था कि रविवार को पड़ने वाली गटारी अमावस्या से पहले मुंबई भाजपा के सचिव सचिन शिंदे शाम को प्रभादेवी नाका पर मुफ्त में चिकन बांटेंगे। सोशल मीडिया पर यह पोस्टर तेजी से वायरल हो गया।
पोस्टर वायरल होने के बाद शनिवार शाम को बड़ी संख्या में लोग मुफ्त में चिकन लेने के लिए प्रभादेवी नाका पर पहुंच गए और उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। लोगों को बताया गया कि कोई गलतफहमी हुई है। शिंदे ने मुफ्त में चिकन बांटने का कोई एलान नहीं किया है।
मुंबई भाजपा के सचिव सचिन शिंदे ने इस तरह के पोस्टर लगाने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि वह सोशल मीडिया पर किए पोस्ट के स्रोत की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि पोस्टर से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
Haircut in Space: स्पेस में कैसे काटे जाते हैं बाल? अंतरिक्ष यात्री ने वीडियो शेयर कर बताया
क्या है गटारी अमावस्या
उत्तर भारत में इन दिनों सावन महीने की धूम है और चारों तरफ बोल बम का नारा गूंज रहा है। तो वहीं भारत के ही कुछ ऐसे राज्य भी हैं, जहां सावन के महीने की शुरुआत उत्तर भारत के 15 दिनों के बाद होती है। महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों में अमावस्या के हिसाब से कैलेंडर मास का आरंभ माना जाता है।
Internet: सिर्फ दो साल में खत्म हो जाएगा इंटरनेट? जानिए क्या है इसकी वजह और दुनियाभर में क्यों छिड़ी बहस
मराठी लोग गटारी अमावस्या के बाद कम से कम 40 दिनों तक मांस मदिरा का सेवन नहीं करते हैं। हालांकि ऐसा माना जाता है कि गटारी अमावस्या के दिन लोग मांस मदिरा का बहुतायत में सेवन करते हैं, जिससे आगे आने वाले दिनों में इन चीजों का परहेज किया जा सके।