दरअसल, चीन में पढ़ने गया एक विदेशी छात्र बीमार होने के कारण चीन के ही किसी अस्पताल में भर्ती था। मजेदार बात तो ये हैं कि उसकी देखरेख एक ऐसी नर्स कर रही थी, जिसे अंग्रेजी भाषा नहीं आती थी। हालांकि नर्स को इस बात का अंदाजा था कि विदेशी मरीज को उसकी बीमारी और दवाओं से संबंधित जानकारी देना आवश्यक है।