कुएं के पानी के लिए दो परिवारों की लड़ाई खूनी जंग में बदली, 42 लोगों की हो गई मौत
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Trending: दुनिया के कई देशों को इन दिनों पानी की कमी सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मध्य अफ्रीका के देश चाड में पानी को लेकर खुनी संघर्ष हो गया। चाड में पानी को लेकर दो समूहों के बीच झगड़ा शुरू हुआ, जिसने भयानक रूप ले लिया। हालात यह गए कि सेना को बुलाना पड़ा। अभी इस लड़ाई में 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह घटना चाड के पूर्वी क्षेत्र वादी फिरा प्रांत के इगोते गांव में घटी है।
कैसे शुरू हुई लड़ाई?
दरअसल, एक पानी के कुएं को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद हो गया। दो परिवारों में शुरू हुई लड़ाई धीरे-धीरे पड़ोस के गांवों और दूसरे समुदायों में भी फैल गई। दोनों तरफ से बदले की कर्रवाई में गावों में आग लग गी और लोगों की मौत हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि चाड सरकार को सेना उतारना पड़ा।
देश के उप प्रधानमंत्री लिमाने महामत खुद घटना वाली जगह पर पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, 42 लोगों की मौत से स्पष्ट है कि चाड में पानी की कितनी बड़ी किल्लत है।
सबसे सूखे और पानी की कमी वाले देशों में शामिल है चाड
चाड की दुनिया के सबसे सूखे और पानी की कमी वाले देशों में गिनती होती है। यहां अधिकतर क्षेत्र सहारा रेगिस्तान के किनारे स्थित हैं। यहां पर बारिश बहुत कम होती है। यहां गर्मी और सूखा इतना अधिक है कि पानी के छोटे-छोटे स्रोतों पर लोग किसी की जान लेने के लिए तैयार हो जाते हैं।
कहां से आता है पानी?
चाड में झील चाड पानी का प्रमुख स्रोत है। यह एक समय अफ्रीका की बड़ी झीलों में से एक थी। लेकिन अब 90 फीसदी तक सिकुड़ गई है। चारी और लोगोन नदियां, भूजल (अंडरग्राउंड पानी) पर जैसे स्रोतों पर दबाव बेहद अधिक है। झील चाड का पानी खेती, मछली पकड़ने और पीने के काम आता है, लेकिन सूखे और ज्यादा इस्तेमाल से इस पर खतरा मंडरा रहा है। इस देश में प्रति व्यक्ति उपलब्ध मीठे पानी की मात्रा बहुत कम है। विशेषज्ञों ने कहा कि अगर यहां पर पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता है, तो इस तरह खूनी संघर्ष बढ़ेंगे।