उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बहुत ही प्यारी और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है। यहां भरसेन गांव के एक किसान ने अपने बछड़े का पहला जन्मदिन बेहद खास तरीके से मनाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आपने अक्सर शहरों में लोगों को कुत्तों या दूसरे पालतू जानवरों के जन्मदिन मनाते देखा होगा, लेकिन इस किसान ने अपने गाय के बछड़े का जन्मदिन मना कर गांव की सादगी और इंसान-जानवर के बीच के गहरे रिश्ते को सामने रखा। तो आज की इस खबर में हम भी आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
गांव के किसान राम शंकर पाल ने जब अपने बछड़े का पहला बर्थडे मनाने की सोची तो उन्होंने बाकायदा एक पार्टी रखी। इस पार्टी में घरवाले ही नहीं, बल्कि गांव के कई लोग भी मेहमान बनकर पहुंचे। इस मौके पर खास तरह से केक मंगवाया गया और फिर पूरे उत्साह के साथ बर्थडे बैश शुरू हुआ। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किसान राम शंकर पाल ने अपने बछड़े का हाथ पकड़कर उससे केक कटवाया। जैसे ही बछड़े ने केक काटा, वहां मौजूद सभी लोग तालियां बजाने लगे और खुशी जाहिर की। इसके बाद किसान ने अपने बछड़े को खुद ही केक खिलाया। गांव के बच्चे और बुजुर्ग सब इस नजारे को देखकर खुश हो गए। माहौल बिल्कुल परिवार की पार्टी जैसा था, फर्क बस इतना था कि इस बार पार्टी की शान इंसान नहीं बल्कि गाय का बछड़ा था।
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे देखकर काफी खुश हो रहे हैं और तरह-तरह के कमेंट भी कर रहे हैं। किसी ने लिखा कि "लोग तो बेवजह कुत्तों पर ही प्यार लुटाते हैं, जबकि गाय और उसके बच्चों की देखभाल करना ज्यादा जरूरी है।" एक दूसरे यूजर ने लिखा, "गाय के बछड़े का बर्थडे मनाना वाकई बहुत अच्छी बात है।" वहीं, एक और यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, "शहर में कुत्तों का बर्थडे सेलिब्रेट होता है और गांव में गाय और उसके बछड़े का।" इस वीडियो पर लोग रेड हार्ट इमोजी डालकर अपना प्यार जता रहे हैं। कई लोगों ने बछड़े को एक साल का होने की शुभकामनाएं भी दी हैं।
गांव वाले इस सेलिब्रेशन से हुए खुश
गांव के लोग इस कार्यक्रम को देखकर बहुत खुश हुए क्योंकि गांव की जिंदगी में गाय का महत्व बहुत बड़ा होता है। गाय सिर्फ दूध ही नहीं देती, बल्कि पूरे परिवार का हिस्सा मानी जाती है। किसान और उसके परिवार ने अपने बछड़े का जन्मदिन मनाकर यह साबित कर दिया कि जानवर और इंसान के बीच का रिश्ता सिर्फ जरूरत का नहीं होता, बल्कि इसमें प्यार और अपनापन भी होता है। आजकल जहां शहरों में पालतू कुत्तों और बिल्लियों पर खूब खर्च किया जाता है और उनका जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, वहीं यह नजारा गांव की सादगी और देसी संस्कृति को दिखाता है। गांव के लोग शायद बड़े आयोजन न कर पाएं, लेकिन जो भी करते हैं, उसमें भावनाएं और सच्चा अपनापन झलकता है।