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यहां डॉल्फिन और समुद्री शेरों की फौज करती है परमाणु हथियारों की रक्षा, वजह है बेहद खास

Mon, 30 Mar 2020 01:10 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु हथियारों का भंडार - फोटो : Social media
आमतौर पर किसी भी देश में खुफिया ठिकानों या फिर संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा का जिम्मा सेना के हाथ में होता है, लेकिन दुनिया में एक जगह ऐसी भी है, जहां परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है और उसकी सुरक्षा करती हैं डॉल्फिन मछलियां। यह हैरान करने वाली बात तो है, लेकिन बिल्कुल सच है। असल में इसके पीछे एक बड़ी वजह है, जिसके बारे में शायद ही कोई आम आदमी सोच पाए। 
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नेवल बेस किटसैप पर अमेरिकी सबमरीन - फोटो : Social media
यह जगह अमेरिका के सिएटेल शहर से करीब 20 मील की दूरी पर है। दरअसल, यहां अमेरिकी नेवी का बेस कैंप है, जिसे 'नेवल बेस किटसैप' कहते हैं। यह जगह दुनियाभर में इसलिए मशहूर है, क्योंकि अमेरिका के करीब एक चौथाई परमाणु हथियार यहीं पर रखे हुए हैं। यहां इतनी मात्रा में परमाणु हथियार हैं कि एक झटके में कई देशों का सफाया हो जाए। इसी वजह से इस जगह को दुनिया में परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार कहते हैं।   
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यहां डॉल्फिन करती है परमाणु हथियारों की रक्षा - फोटो : Social media
अमेरिका ने अपने इस परमाणु भंडार की रक्षा के लिए इंसान या मशीन नहीं बल्कि डॉल्फिन और सी लॉयन (समुद्री शेर) की एक बड़ी फौज रखी है। इस अनोखी फौज में करीब 85 डॉल्फिन और 50 समुद्री शेर हैं। इन्हें खासतौर पर परमाणु हथियारों की रक्षा के लिए कैलिफोर्निया स्थित एक प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित किया गया है।   

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यहां डॉल्फिन करती है परमाणु हथियारों की रक्षा - फोटो : Social media
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉल्फिन और समुद्री शेरों के शरीर में एक बाइट प्लेट फिट कर दी जाती है। अगर कोई घुसपैठिया समुद्री रास्ते से परमाणु हथियारों के पास जाने की कोशिश करता है तो ये समुद्री जीव उसके पैर से जाकर टकराते हैं, जिससे प्लेट उनकी टांग में चिपक जाती है और वो तब तक उसे बाहर नहीं निकाल सकता है, जब तक कि उससे संदेश समुद्री जीवों के हैंडलर तक नहीं पहुंच जाता। इससे घुसपैठिये पर नजर रखी जाती है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाती है। 
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समुद्री शेर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
दरअसल, डॉल्फिन और समुद्री शेरों को यह काम इसलिए सौंपा गया है, क्योंकि डॉल्फिन के अंदर खूबी होती है कि वो समुद्र के काफी नीचे की चीजों का भी पता लगा सकती है। इसके अलावा समुद्री शेरों की सुनने और देखने की क्षमता बहुत अधिक होती है। वह समुद्र की गहराई में, जहां सिर्फ अंधेरा ही होता है, वहां भी ये देख सकते हैं। यही वजह है कि इन्हीं दो समुद्री जीवों को परमाणु हथियारों की सुरक्षा का काम सौंपा गया है। 
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