क्यों भारत की इन जगहों पर नहीं मनाई जाती है दिवाली?
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दिवाली 2026: भारत में दिवाली का पर्व (Diwali 2026) धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर रविवार को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, जब 14 वर्ष बाद भगवान श्री राम वनवास से लौटकर अयोध्या लौटे थे, तो लोगों ने घी के दीपक जलाए थे। तभी से ही दिवाली मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में दीपावली के त्योहार का बेहद खास महत्व है। इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके साथ ही लोग अपने घर और मंदिरों में दीपक जलाते हैं। भारत के साथ ही दुनिया के अलग-अलग देशों में भी दिवाली का पर्व मनाया जाता है। लेकिन भारत में कुछ ऐसी जगहे हैं, जहां पर दिवाली नहीं मनाई जाती है।
देश के इन इलाकों में दिवाली के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा भी नहीं की जाती है और लोग पटाखे भी नहीं जलाते हैं। आपको यह जानकर यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह बिल्कुच सच है। आइए जानते हैं कि आखिर भारत में इन जगहों पर रोशनी का त्योहार दिवाली क्यों नहीं मनाई जाती है और इसके पीछे की मान्यता क्या है?
इस बार रोशनी का त्योहार दिवाली 8 नवंबर 2026 रविवार को मनाई जाएगी। दिवाली की हर तरफ धूम है, लेकिन दक्षिण भारत में कुछ स्थानों पर दिवाली नहीं मनाई जाती है। रोशनी के त्योहार को नहीं मनाने के पीछे एक खास मान्यता है।
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देश के केरल प्रदेश में दिवाली का त्योहार नहीं मनाया जाता है। राज्य के सिर्फ कोच्चि शहर में धूमधाम से दिवाली का पर्व मनाया जाता है। आपके मन में सवाल खड़ा हो रहा होगा कि आखिर इस राज्य में दिवाली क्यों नहीं मनाई जाती है? यहां पर दिवाली नहीं मनाए जाने के पीछे की कुछ वजहे हैं।
मान्यता है कि केरल के राजा महाबली की दिवाली के दिन मौत हुई थी। इसके कारण तब से यहां पर दिवाली का त्योहार नहीं मनाया जाता है। यह भी बताया जाता है कि राज्य में इस समय बारिश होती है जिसकी वजह से पटाखे और दीये नहीं जलते हैं।
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तमिलनाडु राज्य में भी कुछ जगहों पर दिवाली नहीं मनाई जाती है। वहां पर लोग नरक चतुदर्शी का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरकासुर राक्षस का वध किया था। इस दिन को छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है।