फिल्मों में आपने कई हाई-प्रोफाइल चोरी की कहानियां देखी होंगी, जहां चोर बड़ी चालाकी से करोड़ों की चीज लेकर फरार हो जाते हैं। लेकिन सिंगापुर में हुई एक असली घटना ने रील और रियल के बीच का फर्क ही मिटा दिया। यहां घूमने आए दो भारतीय पर्यटकों ने एक कीमती हीरे को चुराने के लिए ऐसा तरीका अपनाया कि शुरुआत में किसी को भनक तक नहीं लगी। हालांकि, उनकी यह योजना ज्यादा देर तक सफल नहीं रह सकी और आखिरकार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह कहानी
यह मामला 19 जून का है। 41 वर्षीय मनोजकुमार कुर्जीभाई और उनके 30 वर्षीय साथी मिलन रामनिकभाई सिंगापुर के प्रसिद्ध चाइनाटाउन इलाके में स्थित एक ज्वेलरी शॉप पहुंचे। दुकान में रखे 4.95 कैरेट के एक खास हीरे पर दोनों की नजर थी। इस हीरे की कीमत करीब 1 लाख 54 हजार अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 1.48 करोड़ रुपये बताई गई।
असली हीरे को नकली में बदला
दुकान के भीतर दोनों ने पूरी तैयारी के साथ अपना प्लान लागू किया। पहले मनोजकुमार ने ज्वेलरी शॉप के मैनेजर को बातचीत में इस तरह उलझाए रखा कि उनका ध्यान दूसरी ओर चला गया। इसी मौके का फायदा उठाते हुए मिलन ने बेहद सफाई से असली हीरे को उस नकली हीरे से बदल दिया, जिसे वह पहले से अपने मुंह में छिपाकर लाया था। अदला-बदली पूरी होते ही उसने असली हीरे को भी अपने मुंह में छिपा लिया। इसके बाद दोनों ऐसे दुकान से बाहर निकले, जैसे वे सिर्फ देखने आए हों और बिना कोई खरीदारी किए लौट रहे हों।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
दोनों को भरोसा था कि उनकी यह चाल किसी की नजर में नहीं आएगी, लेकिन उनकी पूरी हरकत दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो चुकी थी। फुटेज सामने आते ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। उसी दिन, जब दोनों सिंगापुर छोड़कर जाने की कोशिश कर रहे थे, एयरपोर्ट पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उनके एक बैग से चोरी किया गया असली हीरा भी बरामद हो गया।
अदालत ने दी यह सजा
मामला अदालत तक पहुंचा, जहां मनोज कुमार ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने उसे दो साल, दो महीने और दो हफ्ते की जेल की सजा सुनाई। वहीं, उसका साथी मिलन रामनिकभाई फिलहाल पुलिस रिमांड में है और उसकी सजा पर फैसला अभी आना बाकी है। इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू जांच के दौरान सामने आया। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी भारत से ही नकली हीरा तैयार करवाकर सिंगापुर पहुंचे थे। हैरानी की बात यह है कि वह नकली हीरा केवल दिखने में ही नहीं, बल्कि वजन और यहां तक कि उसके सीरियल नंबर तक असली हीरे से मेल खाता था।