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Viral: गुड़गांव की सड़कों पर उतरी नाव, लोगों को घर पहुंचाने लगी तो पुलिस ने थमा दिया 50 हजार का चालान

Tue, 11 Aug 2026 09:58 AM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Video: गुड़गांव में भारी बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हुईं तो सेकंड हैंड कार प्लेटफॉर्म ने लोगों का ध्यान खींचने के लिए पानी से भरी सड़क पर ब्रांडिंग वाली नाव उतार दी। 

 

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नाव उतरी तो आया 50 हजार का चालान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गुड़गांव में बारिश शुरू होते ही जब सड़क और नाले के बीच का फर्क मिट गया, तो लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल था- आखिर इस पानी से होकर घर कैसे पहुंचें? इसी जलभराव ने सेकंड हैंड कार प्लेटफॉर्म को एक ऐसा मार्केटिंग आइडिया दे दिया, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। कंपनी ने पानी से लबालब सड़क पर अपनी ब्रांडिंग वाली एक नाव उतार दी। शुरुआत में यह सिर्फ बारिश और जलभराव की स्थिति को दिखाने वाला एक मजेदार स्टंट था, लेकिन कुछ ही देर में इसकी कहानी ने अलग मोड़ ले लिया। तो आइए विस्तार से जानते हैं।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
 कार प्लेटफॉर्म की एग्जीक्यूटिव प्राची शर्मा ने लिंक्डइन पर इस पूरे वाकये का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि सड़क पर नाव उतारने का विचार मूल रूप से बारिश के पानी को लेकर मजाकिया अंदाज में ध्यान खींचने के लिए आया था। मगर जब नाव पानी में पहुंची तो हालात कुछ और ही नजर आने लगे। पानी में फंसे आम लोगों ने नाव को सिर्फ किसी कंपनी की ब्रांडिंग वाली चीज नहीं समझा। उन्होंने इसका इस्तेमाल घर तक पहुंचने के लिए करना शुरू कर दिया। यानी जिस चीज को कंपनी ने एक मार्केटिंग स्टंट के तौर पर सोचा था, वह कुछ लोगों के लिए उस वक्त मदद का जरिया बन गई। प्राची शर्मा ने इसे लेकर कहा कि जो शुरुआत में महज एक स्टंट था, वह देखते ही देखते मजबूर लोगों की जरूरत बन गया।

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नाव उतरी तो आया 50 हजार का चालान
हालांकि, कार प्लेटफॉर्म  का यह अनोखा आइडिया कंपनी के लिए महंगा साबित हुआ। कंपनी के दावे के मुताबिक, सड़क पर नाव उतारने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने 50 हजार रुपये का चालान काट दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई। एक तरफ कुछ यूजर्स ने पुलिस की कार्रवाई को सही बताया। उनका तर्क है कि जलभराव वाली सड़क पर नाव चलाना जोखिम भरा हो सकता है। पानी के नीचे खुले बिजली के तार या गहरे गड्ढे जैसी चीजें दिखाई नहीं देतीं, ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

लोगों ने कार्रवाई पर उठाया सवाल
वहीं, दूसरी तरफ कई लोगों ने इस कार्रवाई पर सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि जिस तेजी से ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये का चालान काट दिया गया। अगर उतनी ही तेजी शहर की जल निकासी व्यवस्था सुधारने में दिखाई जाती तो शायद सड़कों पर ऐसी स्थिति ही नहीं बनती। फिलहाल कार प्लेफॉर्म की नाव और उस पर हुआ चालान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक नॉर्मल मार्केटिंग स्टंट से शुरू हुई यह कहानी अब शहर के जलभराव, ट्रैफिक नियमों और व्यवस्था पर बहस तक पहुंच गई है।

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