जब ऑटो ड्राइवर ने किया दुर्व्यवहार
रेडिट पर साझा की गई पोस्ट में व्यक्ति ने बताया कि वह अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहता, इसलिए एक स्पैम अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा है। उसने लिखा कि उसने ऐप के जरिए अपने कॉलेज से घर जाने के लिए एक ऑटो बुक किया। यात्रा के दौरान सब कुछ नॉर्मल लग रहा था, हालांकि ऑटो की नंबर प्लेट ऐप पर दिखाए गए नंबर से अलग थी। चूंकि ऐसा पहले भी हो चुका था, इसलिए उसने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब वह अपने घर पर पहुंचा, तो ड्राइवर ने उसे एक स्क्रीनशॉट दिखाते हुए 338 रुपये किराया देने को कहा, जबकि उसके मोबाइल ऐप पर 256 रुपये का किराया दिख रहा था। गौर करने पर पता चला कि ड्राइवर द्वारा दिखाए गए किराए की रसीद पर 15 मार्च 2025 की तारीख थी।
डर और दबाव में देना पड़ा ज्यादा किराया
जब व्यक्ति को शक हुआ, तो उसने अपने फोन में ट्रिप स्टेटस चेक किया और यह देखकर चौंक गया कि ट्रिप अभी भी एक्टिव थी। उसने ड्राइवर से ऐप खोलने को कहा, लेकिन ड्राइवर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। जब व्यक्ति ने जोर देकर ऐप दिखाने की मांग की, तो ड्राइवर गुस्से में आ गया और थप्पड़ मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया और भाषा की समस्या का फायदा उठाते हुए अपशब्द कहने लगा।डर और तनाव के कारण अंत में व्यक्ति ने ड्राइवर को पूरे पैसे दे दिए। बाद में उसने देखा कि ड्राइवर ने ट्रिप 30 मिनट बाद और 2.4 किलोमीटर दूर जाकर खत्म की थी।
शिकायत करने में हिचकिचाहट
इस घटना के बाद पीड़ित ने लिखा कि वह इस मामले की शिकायत करना चाहता है, लेकिन इस बात से डरा हुआ है कि ड्राइवर को उसका घर पता है और वह कोई गलत हरकत कर सकता है। उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी पोस्ट का मकसद किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाना नहीं है, बल्कि सिर्फ अपनी आपबीती साझा करना है। हालांकि, कुछ समय बाद उसने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी। बावजूद इसके, इस पोस्ट को हजारों अपवोट मिले और सैकड़ों यूजर्स ने अपनी राय साझा की। कुछ लोगों ने उसे उपभोक्ता अधिकारों का उपयोग करने की सलाह दी, तो कुछ ने उचित कानूनी कार्रवाई करने का सुझाव दिया।