दूसरे ग्रह पर मिला पानी! वैज्ञानिकों ने खोजा नया सुपर अर्थ
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Science News: वर्षों से वैज्ञानिक धरती के अलावा दूसरे ग्रह पर पानी की तलाश कर रहे हैं। भविष्य में वैज्ञानिकों की यह तलाश पूरी हो सकती है। मोरक्को की एक ऑब्जर्वेटरी के वैज्ञानिकों ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की सैटेलाइट की मदद से धरती के जैसे एक 'सुपर अर्थ' की खोज की है। नया ग्रह धरती से करीब 154 प्रकाश वर्ष दूर है। वैज्ञानिकों ने इसे TOI-1846 B नाम दिया है। यह आकार में भी पृथ्वी से दोगुना बड़ा और चार गुना ज्यादा भारी है।
वैज्ञानिकों ने कहा कि इस ग्रह पर पानी मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया है कि इसकी उम्र 7.2 अरब साल हो सकती है। वहीं इसे अपने सोलर सिस्टम के तारे का चक्कर पूरा करने में करीब 4 दिन लगते हैं। अनुमान है कि यहां का एक्सपेक्टेड टेम्प्रेचर 568.1 केल्विन है।
वैज्ञानिकों की तरफ से TOI-1846 b की पुष्टि के लिए TESS के अलावा ग्राउंड बेस्ड कलर फोटोग्राफी, हाई रिजॉल्यूशन इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपिक का इस्तेमाल किया गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस सुपर-अर्थ पर भरपूर पानी हो सकता है। हालांकि, इसकी सटीक जानकारी के लिए अभी और अध्ययन की जरूरत है। वैज्ञानिकों ने बताया कि TOI-1846 b की संरचना जानने के लिए रेडियल वेलोसिटी (RV) का इस्तेमाल होगा। रेडियल वेलोसिटी के जरिए बेहतर तरीके से यह पता लगाया जा सकेगा कि ग्रह पर पानी मौजूद है या नहीं है।
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साल 2025 में दूसरे सुपर अर्थ की हुई खोज
साल 2025 की शुरुआत में वैज्ञानिकों ने HD 20794 d नाम के एक सुपर-अर्थ की खोज की थी। यह पृथ्वी से छह गुना ज्यादा भारी है। इस ग्रह की सतह पर भी पानी होने का अनुमान है। यह धरती से 20 प्रकाश वर्ष दूर है।
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सबसे खास बात यह है कि पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा करने के तरह ही एक तारे की परिक्रमा करता है। हालांकि, पृथ्वी की तरह इसका ऑर्बिट गोल नहीं है। इसलिए ऐसा कहना काफी मुश्किल है कि इस ग्रह पर जीवन की संभावना हो सकती है।