भारत में केरल और तमिलनाडु के जंगलों में चार नए और छोटे मेंढक पाए गए हैं। ये इतने छोटे हैं कि आपके अंगूठे के नाखून पर बैठ जाएंगे। दुनिया के सबसे छोटे मेंढकों की श्रेणी में आने वाले ये मेंढक जमीन पर रहते हैं और रात में कीट-पतंगों जैसी आवाजें निकालते हैं। पश्चिमी घाट के जंगलों में इनके अलावा तीन बड़ी प्रजातियों के मेंढक भी मिले हैं। इस तरह रात को पाए जाने वाले मेंढकों की संख्या सात हो गई है।
भारत के पश्चिमी तट के समानांतर चलने वाली पर्वत श्रृंखलाओं में सैंकड़ों की तादाद में ऐसे दुर्लभ प्रजाति के पौधों और जन्तुओं की भरमार है। लेकिन इनका जीवन खतरे में है।
कई सालों की खोज के बाद ये नई प्रजातियां मिली हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की सोनाली ग्रेग बताती हैं, "ये नन्हें मेंढक सिक्के या अंगूठे के नाखून पर भी बैठ सकते हैं।"
एकांतप्रिय मेंढक
सोनाली नए जीवों को तलाश रही वैज्ञानिकों की खोजी टीम का हिस्सा हैं। वे बताती हैं, "ये नन्हें मेंढक इतनी अधिक तादाद में हमें मिले हैं कि हम हैरान हैं। लगता है आकार में बहुत छोटे होने, एकांतप्रिय और कीटों की तरह आवाज करने के कारण शोधकर्ता इन्हें अब तक नजरअंदाज करते आ रहे थे।"