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अपने डॉगी की की ये अद्भुत बातें आप भी नहीं जानते होंगे

Fri, 04 Mar 2016 11:44 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • विशेष कहते हैं कि कुत्तों को अफोसस नहीं होता।
  • कुत्ते सूंघ कर इंसानों में कैंसर, मधुमेह जैसी बीमारियां जांच सकते हैं।
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विस्तार
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कुत्तों को डांटने पर जब वे मासूम सा चेहरा बना लेते हैं तो हमे लगता है उन्हें अपनी गलती का अहसास है। लेकिन ऐसा होता नहीं क्योंकि विशेष कहते हैं कि कुत्तों को अफोसस नहीं होता। न्यू सॉर्क के बारनार्ड कॉलेज की एलेकजैंड्रा होरोविट्ज कहती हैं कि डांटने पर हर कुत्ते को देख कर लगता है कि उसे अफसोस है।
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बल्कि जिन कुत्तों को उनकी गलती न होने पर भी डांटा गया उनमें और ज्यादा अफसोस दिखा। लेकिन ऐसा हम इंसानों को ही लगता है, होता नहीं।कुत्ते सूंघ कर इंसानों में कैंसर, मधुमेह जैसी बीमारियां जांच सकते हैं। वे समझ जाते हैं जब इंसान के शरीर में  साधारण से हट कर कुछ अलग कंपाउंड बनने लगते हैं। 

कुत्तों की पूंछ हिलाने का मतबल हर बार ये नहीं होता कि वे खुश हैं क्योंकि कई लोग ऐसा ही मानते हैं। पूंछ हिलाने के तरीके पर निर्भर करता है कि कुत्ते कैसा महसूस कर रहे हैं। दाईं तरफ हिलाने का मतलब वे खुश हैं जबकि बाईं तरफ का मतलब वे डरे हुए हैं। धीरे-धीरे हिलाते हैं तो मतलब वो संकोच कर रहे हैं और तेज तेज हिलाने का मतलब वे गुस्सा हैं।
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इंसानों की तरह ही कुत्ते भी सपने देखते हैं

डॉगी
कुत्तों को बहुत गर्मी लगती है। उनका मोटा फर और इंसानों से ज्यादा शरीर का तापमान इसके लिए जिम्मेदार है। उनका पसीना सिर्फ पंजों से निकलता है। कुत्तों की टॉयलेट मेटल को भी खराब कर सकती है। उसमें मौजूद एसिड ऐसा करता है। यानी कुत्ते को किसी खंबे पर लगातार टॉयलेट कराने से थोड़े वक्त बाद असर दिख सकता है। 

इंसानों की तरह ही कुत्ते भी सपने देखते हैं। उनका दिमाग वैसे ही चलता है जैसे इंसानों का। छोटे कुत्ते बड़े कुत्तों से ज्यादा सपने देखते हैं। छोटा कुत्ता 10 मिनट में एक बार सपना देख सकता है लेकिन बड़ा कुत्ता एक घंटे में एक सपना देखता है। कुत्ते के पंजे के निशान से ज्यादा नाक का निशान अपने में खास होता है जैसे इंसानो का फिंगरप्रिंट।

उनके नाक के निशान से उन्हें पहचाना जा सकता है।कई बार कुत्ते एक 2 साल के बच्चे जितना स्मार्ट हो सकते हैं। ऐसा अमेरिकन मनोवैज्ञानिक आयोग की रीसर्च में पाया गया है। कुत्तों की प्रजाती बॉर्डर कॉलीज तो 200 शब्द तक समझ सकती हैं। इसके अलावा समझदार प्रताजियों में पूडल, जर्मन शेपर्ड, गोल्डन रिट्रीवर और डॉबरमैन आती हैं।
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