दिल्ली मेट्रो में सफर करते समय अक्सर कुछ यात्री फर्श पर बैठ जाते हैं, जिससे बाकी लोगों को काफी असुविधा होती है। इसके बावजूद, इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने से यह समस्या लगातार बनी हुई है। अब एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक यात्री सिर्फ बैठा ही नहीं बल्कि पूरी तरह से मेट्रो के फर्श पर लेटा हुआ नजर आया। उसकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग युवक की इस तस्वीर को लेकर खूब आलोचना भी कर रहे हैं। तो आज की इस खबर में हम भी आपको इसी पोस्ट के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
पहले भी दिल्ली मेट्रो में यात्रियों द्वारा जमीन पर बैठने की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन इनमें से गिने-चुने मामलों में ही कोई ठोस कार्रवाई की गई है। आमतौर पर ऐसे मामलों में सिर्फ फोटो या वीडियो वायरल होते हैं और बात वहीं खत्म हो जाती है। गर्मी के मौसम में मेट्रो की ठंडी हवा यात्रियों को राहत देती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सार्वजनिक जगह पर आराम करने के नाम पर दूसरों को परेशान किया जाए। नागरिक शिष्टाचार यानी सिविक सेंस यही सिखाता है कि आपकी किसी भी हरकत से आसपास के लोग प्रभावित न हों। लेकिन अक्सर कुछ लोग ऐसी बातों की अनदेखी कर बैठते हैं।
मेट्रो की फर्श पर सोता दिखा युवक
वायरल हो रही जो तस्वीर सामने आई है, वह दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन की है, जो वैशाली और नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी को द्वारका सेक्टर 21 से जोड़ती है। इस लाइन में एक शख्स न सिर्फ फर्श पर बैठा, बल्कि पूरी तरह लेट गया। उसने अपने चप्पलें उतारकर एक ओर रख दी थीं और बैग को सिरहाना बनाकर चैन की नींद ले रहा था। उसका शरीर कोच के फर्श पर इस तरह फैला था कि दूसरे यात्रियों के आने-जाने में बाधा पैदा हो रही थी।
DMRC ने दी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया
इस तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर @KamalHak नामक यूजर ने पोस्ट किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा, "बाकी यात्रियों की असुविधा की कोई परवाह नहीं, मुझे सिर्फ आराम चाहिए।" साथ ही उन्होंने दिल्ली मेट्रो को टैग भी किया। डीएमआरसी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "किसी भी असुविधा के लिए खेद है। कृपया मामले की जांच के लिए कोच नंबर या ट्रेन आईडी साझा करें।" इसके साथ ही उन्होंने तस्वीरों के माध्यम से बताया कि ट्रेन की जानकारी कैसे दी जा सकती है।
सवालिया निशान दागता है ये मामला
गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो इस तरह की शिकायतों पर अक्सर यही जवाब देती है। इससे पहले भी कई बार ऐसे ही मामलों में डीएमआरसी ने इसी तरह की प्रतिक्रिया दी है, लेकिन व्यवहार में कोई खास सुधार नजर नहीं आता। यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि क्या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते समय हम नागरिक जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर रहे हैं? तस्वीर भले ही वायरल हो गई हो, लेकिन इससे जुड़ी असल समस्या अभी भी बरकरार है।