एक वो जमाना था, जब जीवनसाथी की तलाश के लिए लोग रिश्तेदारों, दोस्तों और जान-पहचान वालों की मदद लिया करते थे। मोहल्ले की गलियों से लेकर समाज के कोनों तक, हर किसी से पूछताछ कर ही किसी से मुलाकात होती थी। लेकिन आज के दौर में मोबाइल फोन और इंटरनेट ने रिश्ते ढूंढने का तरीका ही बदल दिया है। अब लोग डेटिंग ऐप्स और मैट्रिमोनियल साइट्स की मदद से एक क्लिक में अपने पार्टनर से जुड़ सकते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर कई लोग सच्चे रिश्ते की तलाश में होते हैं, वहीं कुछ लोग महज अकेलापन मिटाने या समय बिताने के लिए इनका सहारा लेते हैं। हालांकि, इन दिनों फेक अकाउंट्स का भी चलन तेजी से बढ़ा है और लोग जेंडर बदलकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी आईडी बना रहे हैं। आइए जानते हैं कि हालिया मामला क्या है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह पोस्ट
हाल ही में, एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया, जब एक लड़के ने शरारत में एक फर्जी डेटिंग प्रोफाइल बना डाली। घर पर बैठे-बैठे बोर हो रहे इस युवक ने चैट डीपीटी के नए 4O इमेज जनरेशन टूल का इस्तेमाल करते हुए एक लड़की की हद से ज्यादा रियलिस्टिक तस्वीरें तैयार की और उन्हें डेटिंग ऐप पर एक प्रोफाइल में अपलोड कर दिया।
लड़के ने लड़की की बनाई फेक प्रोफाइल
मजेदार बात यह रही कि इस प्रोफाइल को एक्टिव करते ही दो घंटे के अंदर उसके पास 2750 से ज्यादा लाइक्स आ गए। सैकड़ों सुपरस्वाइप, तारीफों से भरे मैसेज और ढेर सारे डेट ऑफर्स भी आने लगे। इतने नोटिफिकेशन एक साथ आने लगे कि लड़के का फोन ही फ्रीज होने लगा। लोगों ने बिना कुछ जाने-समझे उस एआई जनरेटेड लड़की को असली समझकर कॉन्सर्ट टिकट्स, आइसक्रीम और मुलाकात के ऑफर भी देने शुरू कर दिए।
युवक ने साझा किया अनुभव
इस पूरे मजेदार अनुभव को युवक ने X (पहले ट्विटर) पर अपने @infinozz हैंडल से शेयर किया। उसने बताया कि उसे खुद भी यकीन नहीं हुआ कि एक फर्जी और कंप्यूटर से बनी प्रोफाइल पर लोग इतनी जल्दी आकर्षित हो जाएंगे।
पोस्ट देख हर कोई हुआ हैरान
बता दें कि इस डेटिंग ऐप को इस फर्जी अकाउंट को हटाने में करीब 12 घंटे लगे। युवक ने इस अनुभव को साझा करते हुए यह भी कहा कि आज भी इतने लड़के सिंगल हैं कि एक एआई द्वारा बनाई गई लड़की को भी देखकर पागल हो जाते हैं। यह किस्सा जितना मजाकिया है, उतना ही सोचने पर मजबूर करने वाला भी। यह दिखाता है कि डिजिटल जमाने में इंसान किस हद तक अकेलापन महसूस कर रहा है और कैसे टेक्नोलॉजी उस खालीपन को भरने का एक भ्रम पैदा कर रही है।