चीन के चेंगदू शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर किसी का भी दिमाग घूम जाए। एक शख्स के पेट से पूरे 30 साल बाद सिगरेट लाइटर निकाला गया। और ये लाइटर निकाला भी कैसे गया? डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करके। डॉक्टरों की ये तकनीक इतनी अनोखी थी कि मामला पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया। अब सवाल ये है कि आखिर कोई लाइटर पेट में पहुंच कैसे सकता है? तो आइए विस्तार से जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह घटना
दरअसल ये कहानी डेंग नाम के एक शख्स की है जो 30 साल पहले शराब के नशे में अपने दोस्तों के साथ बैठा था। उसी दौरान दोस्तों ने उसे चैलेंज दिया कि वह लाइटर निगलकर दिखाए। नशे में धुत डेंग ने बिना सोचे-समझे शर्त मान ली और सचमुच लाइटर मुंह में डालकर पूरा निगल गया। उसे लगा कि जैसे दूसरे खाने-पचाने वाली चीजें बाहर निकल जाती हैं, वैसे ही लाइटर भी खुद ही निकल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
30 साल से पेट में फंसा रह गया लाइटर
लाइटर उसके पेट में ही फंसा रह गया। हैरानी की बात ये है कि डेंग ने कभी इसे गंभीरता से लिया ही नहीं। कभी-कभी पेट में हल्का दर्द होता तो वह नॉर्मल दर्द समझकर दवा खा लेता। उसे अंदाजा भी नहीं था कि शरीर में ऐसा खतरनाक सामान घूम रहा है जिसमें ज्वलनशील गैस भरी होती है। समस्या तब शुरू हुई जब हाल ही में उसे अचानक तेज दर्द होने लगा। पेट में सूजन बढ़ती गई और वह असहनीय हो गया। आखिरकार डेंग अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने गैस्ट्रोस्कोपी की और पेट के अंदर जो देखा, उसे देख उनकी आंखें खुली की खुली रह गईं। उन्होंने पेट की गहराई में लगभग सात सेंटीमीटर लंबा काला लाइटर देखा जो तीन दशक से वहीं अटका था।
पत्नी और बेटे भी रह गए दंग
जैसे ही डॉक्टरों ने उसे बताया कि पेट में लाइटर है, डेंग को 1991 की वह शराब वाली दावत याद आ गई। उसने डॉक्टरों को बताया कि उसने उन्हीं दोस्तों की शर्त के चलते लाइटर निगला था। यह सुनकर उसकी पत्नी और बेटे भी दंग रह गए। उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि घर में रहने वाला आदमी 30 साल तक पेट में लाइटर लेकर घूमता रहा।
डॉक्टरों ने की मशक्कत
अब चुनौती सामने थी कि इसे बाहर कैसे निकाला जाए। डॉक्टरों ने पहले नॉर्मल चिमटी से कोशिश की, लेकिन लाइटर की चिकनी सतह लगातार फिसलती रही। उसे पकड़ना लगभग नामुमकिन हो रहा था। दूसरी ओर, उसे वहीं छोड़ना खतरनाक था क्योंकि लाइटर में मौजूद गैस कभी भी नुकसान पहुंचा सकती थी।
चिमटी की मदद ने निकाला लाइटर
ऐसे में डॉक्टरों ने दिमाग लगाया और एक बेहद अनोखा उपाय निकाला। उन्होंने चिमटी की मदद से एक कंडोम को धीरे-धीरे पेट के अंदर पहुंचाया। फिर लाइटर को कंडोम में इस तरह फंसाया कि वह पूरी तरह लिपट जाए और फिसले नहीं। ये तरीका ठीक उसी तरह था जैसे मछली जाल में फंस जाती है। जब लाइटर सुरक्षित तरह से आ गया तो डॉक्टरों ने उसे मुंह के रास्ते धीरे-धीरे बाहर निकाल लिया।