भारत का अन्नदाता दिन-रात मेहनत कर फसल उगाता है ताकि देशवासी भूखे न सोएं, लेकिन जब वह खुद प्रकृति की मार का शिकार हो जाए तो उसकी बेबसी हर किसी का दिल तोड़ देती है। फसल उगने के बाद किसान उसे मंडी में बेचने ले जाता है, लेकिन वहां भी उसे कई मुश्किलों से जूझना पड़ता है। अगर इसी दौरान मौसम अचानक बदल जाए तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। अब हाल ही में, एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देख आपकी भी आंखें नम हो जाएंगे। आइए विस्तार से जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हाल ही में, सोशल मीडिया पर यह वीडियो महाराष्ट्र के वाशिम जिले से सामने आया है, जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वाशिम के मानोरा बाजार समिति परिसर में किसान मूंगफली की फसल बेचने के लिए पहुंचे थे। तभी तेज बारिश शुरू हो गई और वहां मौजूद किसानों की फसल भीगने लगी।
फसल बचाते नजर आया किसान
वीडियो में एक किसान को बारिश में भीगती अपनी मूंगफली को बचाने की भरपूर कोशिश करते देखा जा सकता है। वह जमीन पर बैठकर कभी बोरी से ढकने की कोशिश करता है, तो कभी फसल को एक कोने से दूसरे कोने ले जाकर सूखा रखने का प्रयास करता है। करीब 39 सेकंड के इस वीडियो में किसान की तकलीफ साफ नजर आती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस असमय बारिश ने किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उनकी फसलें खराब हो गई हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
यूजर्स ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
इस घटना का वीडियो @MahasayRit11254 नाम के एक यूजर ने X पर पोस्ट किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “बारिश के बीच मजबूर किसान अपनी मूंगफली की फसल को बहने से बचाने की कोशिश कर रहा है।” यह क्लिप कई अन्य यूजर्स ने भी साझा की है और उस पर ढेरों प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “पहले वीडियो बनाओ, किसान तो हमेशा रोता रहेगा।” दूसरे ने कहा, “किसान सभी का पेट भरता है, लेकिन उसका कोई नहीं होता।”
सरकार से की यह गुजारिश
कई लोगों ने सरकार से गुजारिश की कि इन किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। एक यूजर ने भावुक होकर लिखा, “इस पीड़ा को सिर्फ किसान ही समझ सकता है, बहुत दुख हुआ देखकर।” सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि यह वीडियो एक व्यक्ति की विवशता नहीं, बल्कि देश के लाखों किसानों की वास्तविकता बयां करता है, जो हर मौसम की मार सहकर भी समाज की सेवा में लगे रहते हैं।