ट्रेन के स्लीपर कोच में सुबह 4 बजे खुली आंख
- फोटो : ट्रेन के स्लीपर कोच में सुबह 4 बजे खुली आंख
सोशल मीडिया पर हाल ही में एक महिला यात्री का वीडियो काफी चर्चा में है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि कैसे ट्रेन में सफर करना उनके लिए बेहद मुश्किल और असुरक्षित अनुभव बन गया। महिला का नाम नेहा है और उन्होंने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
नेहा ने बताया कि उन्होंने स्लीपर क्लास में यात्रा के लिए रिजर्वेशन कराया था। लेकिन जब ट्रेन चली तो रिजर्वेशन का कोई मतलब ही नहीं रह गया। अनरिजर्व टिकट वाले यात्री सीधे रिजर्व कोच में घुस आए और सीटों पर कब्जा करने लगे। हालत यह हो गई कि उनके लोअर बर्थ के किनारों पर भी लोग बैठ गए। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कोच पूरी तरह से भीड़ से भरा हुआ था। कॉरिडोर में खड़े लोग, सीटों पर चढ़कर बैठे यात्री और यहां तक कि उनकी बर्थ के पास तक लोगों की भीड़। नेहा ने कैमरे की ओर देखकर कहा, "मैं बहुत परेशान हूं। चारों तरफ लोग ही लोग हैं। ये हालात देखिए।"
लड़की ने सुनाई आपबीती
उन्होंने अपने अनुभव को इंस्टाग्राम कैप्शन में भी लिखा। वहां उन्होंने बताया कि आखिरकार उन्हें अपनी सीट तो मिल गई, लेकिन यह सफर उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं रहा। उन्होंने कहा कि नॉर्थ इंडिया की ओर सफर करते वक्त यात्रियों को हर तरह की दिक्कतों के लिए तैयार रहना पड़ता है। वह भी इस हालात को सहने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन कुछ बदलने वाला नहीं था। इसलिए उन्होंने सोचा कि कम से कम अपना अनुभव सबके सामने रख दें।
किसी की सीट पर जबर्दस्ती बैठा लड़का
नेहा ने साफ लिखा कि चाहे इरादा गलत हो या न हो, किसी महिला की रिजर्व सीट पर जबरदस्ती बैठना गलत है। उन्होंने कहा, "मैंने टिकट के पैसे दिए हैं और सीट बुक की है, तो मुझे पूछने का पूरा हक है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर बुकिंग नहीं भी होती, तब भी अगर कोई पुरुष गलत व्यवहार करता तो वह आवाज उठातीं। आखिरकार उन्हें अपनी सीट तो मिल गई, लेकिन इस दौरान उन्होंने काफी तनाव महसूस किया। उन्होंने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने अधिकारियों को टैग कर उनकी परेशानी को आगे बढ़ाया। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पूरे नॉर्थ इंडिया को दोषी नहीं ठहरा रहीं, बल्कि सिर्फ अपना निजी अनुभव साझा कर रही थीं।