उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक युवक की आत्महत्या का मामला सामने आया है, जिसने समाज और कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक ने कथित रूप से पुलिस की प्रताड़ना और ससुराल वालों के दबाव से परेशान होकर फांसी लगाकर जान दे दी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि युवक ने अपनी अंतिम बातें सफेद पेंट पर नीली स्याही से लिखीं, जिससे घटना की गंभीरता और पीड़ा साफ झलकती है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी घटना के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
स्याही से पेंट पर लिखा सुसाइड नोट
मृतक की पहचान दिलीप के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सोमवार को दिलीप की पत्नी ने नगला थाना क्षेत्र में शिकायत की थी कि उसने नशे की हालत में उसके साथ मारपीट की। इस शिकायत पर पुलिस ने दिलीप को थाने बुलाया। यहां दिलीप की पत्नी के परिजन भी पहुंचे थे। दिलीप का आरोप था कि यहीं से उसकी परेशानियों की शुरुआत हुई।
यह है पूरा मामला
दिलीप ने आरोप लगाया था कि थाने में मौजूद दो सिपाहियों ने उस पर 50 हजार रुपये देने का दबाव बनाया ताकी मामला रफा-दफा किया जा सके। जब उसने रकम देने से इनकार किया तो उसे मारा पीटा गया। 40 हजार रुपये लेकर समझौता किया गया और उसे थाने से जाने दिया गया। लेकिन दिलीप इस मानसिक और शारीरिक अपमान को झेल नहीं पाया। घर पहुंचने के बाद दिलीप ने अपनी सफेद पैंट पर नीली स्याही से सुसाइड नोट लिखा। इस नोट में उसने पुलिस की कथित रिश्वतखोरी, ससुराल पक्ष द्वारा की गई प्रताड़ना और खुद पर हुए मानसिक अत्याचार का खुलासा किया। इसके बाद उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
पिता ने लगाए ये गंभीर आरोप
अगली सुबह जब घरवालों ने दिलीप का शव देखा तो मातम छा गया। दिलीप के पिता और चाचा ने पुलिस और ससुरालवालों की मिलीभगत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इसी दबाव और शोषण के चलते दिलीप ने यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार को दिलीप और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद पत्नी को मायके भेज दिया गया था।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन पेंट पर लिखा गया संदेश इस पूरी घटना की सच्चाई बयान करता है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।