बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में सीरियल बम ब्लास्ट के बाद जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर दौड़ने लगी है। आज शाम विशेष पूजा के बाद महाबोधि मंदिर को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया।
जिलाधिकारी सह बीटीएमसी के अध्यक्ष बाला मुरूगन डी एवं वरीय आरक्षी अधीक्षक गणेश कुमार ने कहा कि मंदिर को कभी बंद नहीं किया गया है। नियमित पूजा अर्चना पहले की तरह की जा रही है।
एनआईए और एनएसजी को सैपल संग्रह करने में कठिनाई नहीं हो, इसी बात को देखते आम लोगों को मंदिर परिसर में जाने से रोका गया था। इस पवित्र स्थल की सुरक्षा के लिए बोधगया के आमजनों का समर्थन जरूरी है।
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अधिकारी ने लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की। घटना के समय मंदिर परिसर में तैनात कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
रविवार को हुए सीरियल बम विस्फोट के बाद घटनास्थल से एनआईए व एनएसजी की टीम ने बिखरे पड़े सामानों का सैपल जमा किया। हालांकि बारिश के कारण जांच कार्य में कई बार परेशानी आई।
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गणेश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि जांच से संबंधित तथ्यों को सुरक्षा के कारणों से नहीं बताया जा सकता है।
पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगे 16 में से 15 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। विस्फोट के समय का फुटेज जारी कर दिया गया है। अभी तक जो साक्ष्य मिले है उस पर अनुसंधान किया जा रहा है।
डीएम ने कहा कि घटना के समय बीटीएमसी एवं निजी सुरक्षा एजेंसी कोबरा के चार-चार कर्मचारी तैनात थे। इन लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। रविवार रात भी विशेष पूजा-अर्चना की गई थी।
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उन्होंने कहा कि विश्वदाय महाबोधि मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही पकड़े गए बाराचट्टी के मोहनपुर निवासी विनोद मिस्त्री के अपराध का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
'घटना के लिए नीतीश जिम्मेवार'
बोधगया ब्लास्ट का निरीक्षण करने आए राजद महासचिव रामकृपाल यादव ने इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग की है।
महाबोधि मंदिर में हुए ब्लास्ट का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से उन्होंने कहा कि 12 अक्टूबर 2012 को दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी की गिरफ्तारी के बाद कहा था कि बोधगया का महाबोधि मंदिर भी आतंकियों के निशाने पर है।
22 अक्टूबर 2012 को इंटेलिजेंस ब्यूरो ने भी अपने इनपुट में इसी बात को दुहराया था। बावजूद नीतीश कुमार ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसका परिणाम बोधगया में सीरियल बम ब्लास्ट हुए।