फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रमिक स्पेशल ट्रेन में ढाई साल के बच्चे की मां की मौत, पटना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Thu, 28 May 2020 10:32 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
विज्ञापन
मां के शव पर रखी चादर खींचता बच्चा - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन की यह तस्वीर रूह कंपाने वाली है। ढाई साल का यह बच्चा जो उस चादर से खेल रहा है जिससे उसकी मां का शव ढका गया है। इस बच्चे को क्या मालूम कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं है। वह तो बार-बार उस चादर को खींचने में ही व्यस्त है कि मां उठती क्यों नहीं... अब तो उठ जाओ मां। गुरुवार को इसे लेकर पटना हाईकोर्ट ने स्वत: ज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब मांगा। 

विज्ञापन


राजद नेता तेजस्वी यादव के सहयोगी संजय यादव ने यह वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है और लिखा है कि चार दिन ट्रेन में भूखे-प्यासे रहने के कारण महिला की मौत हो गई। यादव ने सवाल उठाया कि ट्रेनों में हुई इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? हालांकि जीआरपी के अनुसार मृतका की बहन का कहना है कि महिला बीते एक साल से बीमार थी और उसकी मौत भोजन या पानी की कमी की वजह से नहीं हुई है।
 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो वादों और दावों की पोल खोल रहा है। मृतक महिला का नाम अरवीना खातून (35) था, जो कटिहार की रहने वाली थी। वह अपनी बहन और जीजा के साथ श्रमिक स्पेशल ट्रेन से अहमदाबाद से बिहार आ रही थी। बीते रविवार को उनकी ट्रेन चली थी। 
विज्ञापन


लेकिन, ट्रेन में भोजन और पानी न मिल पाने की वजह से महिला की हालत खराब होने लगी। सोमवार दोपहर 12 बजे के आसपास महिला की ट्रेन में ही मौत हो गई। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर दोपहर तीन बजे जब ट्रेन पहुंची तब रेलवे पुलिस ने शव को उतार कर प्लेटफॉर्म पर रखा। यह तस्वीर भी तभी की है। 

'भोजन-पानी की कमी नहीं बल्कि बीमारी से हुई मौत'

रेलवे पुलिस के मुताबिक घटना 25 मई की है। मधुबनी में महिला की मौत हो गई थी। जीआरपी के अनुसार महिला की बहन ने बताया है कि उसकी मौत भोजन या पानी की कमी की वजह से नहीं हुई बल्कि महिला पिछले एक साल से बीमार थी, लेकिन मृत्यु का सही कारण डॉक्टर ही बता सकेंगे।  

वहीं, मुजफ्फरपुर के जिला मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि इस बात की सूचना मिली है कि 25 मई को एक महिला की चलती ट्रेन में मौत हो गई। वह कटिहार जा रही थी और उसका शव मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। उसे कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं। ट्रेन में भोजन या पानी की कोई कमी नहीं है। 
 
 

इसी स्टेशन पर चार साल के बच्चे की भी हुई थी मौत

बता दें कि लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न भागों में फंसे प्रवासी मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से उनके घर पहुंचाया जा रहा है। ट्रेन में खाना-पानी न मिलने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। इससे पहले मुजफ्फरपुर स्टेशन पर सोमवार को ही चार साल के एक बच्चे की भी गर्मी और खाना न मिलने से मौत हो गई थी। 

विज्ञापन

वहीं, पटना हाई कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बिहार सरकार से जवाब मांगा है कि इस तरह की घटना आखिर कैसे घटित हो जाती है। 
 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें