बता दें कि इससे पहले मनोज बाजपेयी ने एक रैप गीत लॉन्च किया था जिसका नाम था 'मुंबई में का बा', सोशल मीडिया पर इस गीत को लोगों ने हाथों हाथ लिया था। बाजपेयी के इस गीत से प्रेरणा लेकर कैमूर जिले की रहने वाली नेहा सिंह राठौर ने भी इसी तर्ज पर 'बिहार में का बा' गीत बनाया था। इस गीत में उन्होंने राज्य की स्थिति पर सवाल उठाए थे और कहा था कि 15 साल के सुशासन के बाद भी बिहार में बहुत कुछ करना बाकी है। राठौर के इस गीत को काफी पसंद किया गया था।
वहीं, राठौर के इस गीत के जवाब में बिहार की लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने एक वीडियो जारी करके बताया है कि मिथिला के साथ बिहार बढ़ रहा है। वीडियो में उन्होंने बताया कि दरभंगा में हवाई अड्डे के साथ एम्स अस्पताल बना है। इससे दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू ज्यादा दूर नहीं रह गया है। पहले झोपड़ियों में स्कूल चलता था और अब पक्की इमारतों में चल रहा है। सड़क और 24 घंटे बिजली मिलती है। मैथिली कहती हैं कि आकर देखिए मिथिला में क्या-क्या नहीं है।
नेहा सिंह राठौर के गीत की एक पंक्ति है 'रोजगार देबा कि करबा ड्रामा, कुरसी तोहार बाप के ना ह' (आप रोजगार के लिए कुछ करेंगे या ड्रामा ही करते रहेंगे, सत्ता आपकी पारिवारिक विरासत नहीं है)। यह पंक्ति बताती है कि बिहार का युवा क्या सोच रख रहा है। हालांकि, इन गीतों का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा यह तो भविष्य ही बताएगा, लेकिन गीतों की इस जंग ने बिहार चुनाव को और रोचक जरूर बना दिया है।