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वोट दें या न दें, पर नीतीश कुमार हैं सबके पसंदीदा

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बिहार विधानसभा चुनाव में जनता वोट किसी को भी दें, लेकिन नीतीश कुमार के खिलाफ कोई नहीं है। बिहार चुनाव में जदयू, राजद और कांग्रेस के महागठबंधन की सबसे बड़ी ताकत यही है और भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए की सबसे बड़ी चुनौती भी यही है।
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हिंदू हो या मुसलमान, अगड़े हों या पिछड़े, अति पिछड़े हों या अति दलित या दलित, सब कहते हैं कि नीतीश कुमार ने बिहार केलिए काम तो किया है। विकास केजो काम नीतीश कुमार केखाते में दर्ज हैं वो हैं अच्छी सड़कें, 20 से 22 घंटे बिजली और कानून व्यवस्था का सुधरा माहौल जिसमें रात में भी किसी को घर से निकलने में अब डर नहीं लगता।

पटना से निकलने के बाद हाजीपुर से पहले पंचर की दुकान पर बैठे जगन्नाथ राय कांग्रेस के समर्थक हैं और साथ बैठे नंद किशोर साह भाजपा को जिताने की बात करते हैं। हालांकि, दोनों कहते हैं कि नीतीश जी ने काफी काम किया है। राघोपुर केबिद्दुपुर में विजय सिंह जहां भाजपा के उम्मीदवार की हवा बताते हैं, वहीं देवकुमार यादव राजद उम्मीदवार तेजस्वी यादव के जीतने का दावा करते हैं।
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दिलावर पुर चौक पर दर्जी की दुकान के टेलर मास्टर महमदू की सहानुभूति लालू-नीतीश की ओर दिखती है। दुकान पर खड़े सतीश कुमार नरेंद्र मोदी का नाम लेकर कहते हैं कि एक मौका भाजपा को भी देना चाहिए। लेकिन इस मामले में इन सबकी राय एक है कि आज जो बिहार में बदलाव आया है वो नीतीश कुमार के दस साल के शासन की देन है।
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लालू साथ नहीं होते तो मिलता जबरदस्त समर्थन

आगे इसी क्षेत्र के शीतल पुर, कमाल पुर और आमेर पंचायत के मुखिया अजीत कुमार सिंह राजपूत हैं। बताते हैं कि राजपूतों और सवर्णों में एनडीए का पलड़ा भारी है। लेकिन चलते-चलते कहते हैं कि नीतीश कुमार के काम से सभी खुश हैं।

अगर लालू यादव केसाथ नहीं जाते तो भरपूर समर्थन मिलता। वैशाली जिले में मुजफ्फरपुर रोड पर भगवानपुर में जितेंद्र तिवारी, राजकुमार सिंह भी एनडीए की हालत अच्छी बताते हैं। लेकिन नीतीश कुमार की तारीफ भी करते हैं। कहते हैं कि सिर्फ यही शिकायत है कि उन्हें भाजपा से अलग नहीं होना चाहिए था।

मुजफ्फरपुर की कच्ची पक्की चौक पर मोहम्मद शमीम, अब्दुल कयूम नीतीश कुमार को तीसरा मौका देने को बिहार की जरूरत बताते हैं। पटना से जहानाबाद जाते हुए मसौढ़ी में हरिनारायण पासवान, सतीश पासवान, अभय कुमार पासवान मजबूती से भाजपा और एनडीए का झंडा उठाए खड़े मिले। धनरुआ केरोहित कुमार भी भाजपा केपक्ष में बोलते हुए मिले।

वहीं गिरींद्र पासवान माकपा माले की वकालत कर रहे थे। लेकिन इन सबने भी माना कि नीतीश कुमार ने विकास के लिए काफी काम किया है।

वही एक शिकायत कि लालू यादव के साथ नहीं जाना चाहिए था। जहां भाजपा समर्थकों को उनके लालू के साथ जाने की शिकायत है तो वहीं राजद केमाई वोट बैंक में इस बात की राहत है कि अब उन्हें लालू नीतीश केबीच में किसी एक के साथ जाने की मजबूरी की वजह से वोट बंटवारे से मुक्ति मिल गई है।
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