निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पर बिहार के जिलों से लेकर देश की राजधानी तक महागठबंधन में शामिल दल लोगों को इसके प्रतिकार का संदेश दे रहे हैं। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने तो इतना भी कह दिया है कि इस काम के लिए आने वाले निर्वाचन कर्मियों को इलाके में घुसने नहीं दें। इस बीच, राज्य के सभी जिलों में निर्वाचन पदाधिकारी इस काम में तेजी लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी महीने तक यह काम होना है, इसलिए लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की नज़ीर पेश की जा रही है। इसी क्रम में पटना के डीएम जहां एक तरफ लगातार समाज के अलग-अलग सेक्शन के लोगों से बात कर रहे हैं, वहीं शुक्रवार को एक शिक्षक को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में लापरवाही पर निलंबित करने का आदेश भी जारी किया है।
किस शिक्षक पर हुई कार्रवाई, देखें अपडेट
भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना के निदेश पर पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई, दनियावां, पटना की ओर चायत शिक्षक अमित कुमार (प्राथमिक विद्यालय, निमी, मुसहरी, प्रखंड दनियावां) को निलंबित करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
बैठकों का दौर, ताकि लोग समझ सकें फायदा
पटना जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के नेतृत्व में पारदर्शी तरीक़े से तथा सहभागितापूर्ण वातावरण में निर्वाचक सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, 2025 सम्पन्न कराने के लिए संपूर्ण जिला में सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार को पटना डीएम की अध्यक्षता में चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स, सिनेमा घरों के ओनर्स के एसोसिएशन, उद्योग संगठनों तथा अधिवक्ता संघों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की गई। कल ऐसी ही बैठक में पटना जिला के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, कोचिंग एसोसिएशन, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स आदि को इस अभियान का फायदा बताते हुए सवालों का जवाब दिया गया था।
26 जुलाई के बाद फॉर्म जमा नहीं लिया जाएगा: डीएम
आज की बैठक में ज़िलाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में पटना जिला के निर्वाचक सूची में शामिल करीब 50.3 लाख मतदाताओं का घर-घर सर्वेक्षण तथा सत्यापन किया जाना है। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचक नामावली से बाहर न हो। साथ ही कोई भी अपात्र मतदाता इसमें शामिल न हो। मृत, स्थानांतरित एवं अनुपस्थित मतदाताओं का नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी। 26 जुलाई तक हाउस-टू-हाउस सर्वेक्षण होना है। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूची में पंजीकृत मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक मतदाता से अनुरोध है कि वे गणना प्रपत्र को आवश्यक स्व-अभिप्रमाणित दस्तावेजों के साथ संलग्न कर तथा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए यथाशीघ्र संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराएं। 01 अगस्त, 2025 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन होगा। जिन मतदाताओं द्वारा 26 जुलाई तक फॉर्म जमा नहीं किया जाएगा, उनका नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
आपके मतदान केंद्रों पर शिविर भी लग रहा
पटना जिला प्रशासन ने इस अभियान में हजारों की संख्या में वोलंटियर्स को लगाया है, जो प्रपत्र वितरण एवं संग्रह कार्य में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। गणना फॉर्म के वितरण एवं संग्रहण में सहयोग प्रदान करने हेतु 1,941 अनुसूचित जाति टोलों में 500 विकास मित्र; पटना नगर निगम क्षेत्र में निगम के 375 सफ़ाई पर्यवेक्षकों तथा 75 सफ़ाई निरीक्षकों, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के 20 कॉम्युनिटी रिसोर्स पर्सन तथा 7,960 सदस्य; ग्रामीण क्षेत्रों में 3,356 बूथ पर जीविका के 3,356 कैडर; जिला में आईसीडीएस के 4,978 सेविका फैसिलिटेटर की भूमिका निभा रहे हैं। अधिकारियों को अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से काम करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है। संपूर्ण पटना जिला में हरेक सप्ताह दो दिन- शनिवार एवं रविवार को- सभी मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से दोपहर बारह बजे तक शिविर लगाया जाएगा। सभी बीएलओ इस अवधि में दोनों दिन अपने-अपने बूथ पर शिविर में उपस्थित रहेंगे, निर्वाचकों के बीच गणना फॉर्म (ईएफ) का वितरण करेंगे एवं निर्वाचकों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ इसे संग्रह करेंगे।
जानें, इस अभियान के बारे में
- बिहार के लिए अंतिम गहन पुनरीक्षण आयोग द्वारा वर्ष 2003 में 01 जनवरी, 2003 को अर्हता तिथि मानते हुए किया गया था। 1 जनवरी, 2003 की अर्हता तिथि तक मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, 2025 के दौरान गणना प्रपत्र के साथ दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है।
- दिनांक 01.01.2003 की अंतिम गहन पुनरीक्षित मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं को केवल अपनी प्रविष्टियों की पुष्टि करनी है और गणना प्रपत्र भरकर जमा करना है। यदि किसी मतदाता के माता या पिता में से कोई एक व्यक्ति 01.01.2003 तक मतदाता सूची में शामिल रहे हैं, तो ऐसे व्यक्ति को विशेष गहन पुनरीक्षण, 2025 के दौरान नामांकन के लिए उनसे संबंधित किसी भी दस्तावेज को प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी, चाहे उस व्यक्ति की जन्मतिथि कुछ भी हो।
- ECI द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, 2025 में किसी भी निर्वाचक के लिए ऑनलाइन माध्यम से गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फॉर्म) भरने एवं दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा voters.eci.gov.in एवं ECINet App पर भी उपलब्ध करायी गयी है। घर बैठे आसानी से यह कार्य किया जा सकता है।
- किसी भी तरह की सहायता के लिए जिला सम्पर्क केन्द्र-सह-मतदाता हेल्पलाईन 1950 पर सम्पर्क किया जा सकता है।