बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए जल्द ही 10 हजार पदों पर शिक्षकों की नियुक्ती की जाएगी। यहां 15 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
इसके लिए विश्वविद्यालय में 10 हजार नये असिस्टेंट प्रोफेसरों की जरूरत पड़ेगी। अगर विश्वविद्यालयों में रिक्त पड़े करीब साढ़े तीन हजार पदों पर नियुक्ति हो भी जाती है, तो विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी बरकरार रहेगी।