सुपौल के गांधी मैदान में सभा के दौरान आरएलजेडी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा
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विपक्ष के पास न तो अब कोई मुद्दा बचा है और न ही कोई काम। यह कहना है राष्ट्रीय लोक जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का। उपेंद्र सुपौल के गांधी मैदान में शनिवार को पार्टी की एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। इस दौरान IRS सेवा के बड़े पद से सेवा निवृत हुए बैधनाथ मेहता ने आरएलजेडी की सदस्यता भी ग्रहण की।
'ये कोई मुद्दा ही नहीं है'
इस मौके पर उपेंद्र कुशवाहा ने संसद भवन के उद्घाटन से पहले विपक्ष के विरोध पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष के पास न तो कोई मुद्दा बचा है और न ही कोई काम। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में विधानसभा भवन का उद्घाटन हुआ, कहां किसी ने राष्ट्रपति को बुलाया। बिहार में भी मुख्यमंत्री जी ने कई उद्घाटन किए। उन्होंने तो किसी को नहीं बुलाया। ये कोई मुद्दा ही नहीं है।
'नीतीश के आसपास रहते हैं चार-पांच सलाहकार'
इस दौरान आरएलजेडी प्रमुख ने सीएम नीतीश कुमार पर भी जमकर निशाना साधा। उपेंद्र ने कहा कि जिस समय मैंने नीतीश कुमार के साथ समझौता किया, उस समय परिस्थिति कुछ और थी। बिहार की जनता ने जिस मुद्दे पर वोट किया था कि लालटेन युग बिहार को दूर रखना है। उस मिशन को आगे बढ़ाना है। लेकिन नीतीश के आसपास चार-पांच सलाहकार रहते हैं। वे जो नीतीश कुमार के दिमाग में भर देते हैं, वही घुसा रहता है।
'अब दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी'
नीतीश कुमार को अपने उत्तराधिकारी के रूप में अगर उपेंद्र कुशवाहा पसंद नहीं था, तो अपने समाज से किसी और को उत्तराधिकारी बना देते। लेकिन उन्होंने लालटेन के युवराज (तेजस्वी यादव) को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। अपने सिर पर लालटेन लेकर जिंदाबाद करने लगे। वह काम उपेंद्र कुशवाहा नहीं कर सकता। अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं कर सकता हूं। उपेंद्र ने कहा कि कुछ लोग हमसे नाराज भी होंगे कि क्यों मैंने नीतीश कुमार से समझौता किया फिर तोड़ लिया। उस नाराजगी के लिए माफी मांगता हूं। अब नए समाज के निर्माण में हमारा साथ दीजिए, अब दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी।