बिहार में ‘खीर’ से सियासत का स्वाद बदलने की कोशिश हो रही है। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बीपी मंडल की 100वीं जयंती के मौके पर रविवार को कहा कि यदि यदुवंशियों (यादव) का दूध और कुशवंशियों (कोइरी) का चावल मिल जाए तो बढ़िया खीर बनेगी।
उपेंद्र यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि खीर में पंचमेवा की जरूरत को अति पिछड़ा, गरीब और दलित शोषित लोग पूरा करेंगे। चीनी शंकर झा आजाद मिलाएंगे, तुलसी दल भूदेव चौधरी के यहां से लाएंगे।
जुल्लीफार अली के यहां से दरस्तखान लाकर फिर सभी लोग मिलकर स्वादिष्ट व्यंजन का आनंद लेंगे। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हम लोग साधारण परिवार से आते हैं। साधारण परिवार में खीर को सबसे स्वादिष्ट व्यंजन के तौर पर माना जाता है।
बता दें कि मोदी मंत्रिमंडल के सदस्य उपेंद्र कुशवाहा लगातार सरकार और भाजपा से खुद को अलग खड़ा करते रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने कई ऐसे बयान दिए जिनसे सरकार और भाजपा दोनों असहज हुईं। विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की सत्ता पर काबिज होने की तैयारी कर रहे उपेंद्र नया घर तलाश रहे हैं।
तेजस्वी बोले, पौष्टिक खीर श्रमशील लोगों की जरूरत
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने उपेंद्र कुशवाहा के बयान का स्वागत किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘नि:संदेह उपेंद्रजी, स्वादिष्ट व पौष्टिक खीर श्रमशील लोगों की जरूरत है। पंचमेवा का स्वास्थ्यवर्धक गुण शरीर ही नहीं, स्वस्थ समतामूलक समाज के निर्माण में भी ऊर्जा देता है। प्रेमभाव से बनाई खीर में स्वाद और ऊर्जा की भरपूर मात्रा होती है।’