फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News : स्टील अथॉरिटी के बोकारो प्लांट में कांट्रैक्ट दिलाने के नाम पर 1.25 करोड़ ठगे; सारे कागज थे फर्जी

Sat, 23 Sep 2023 05:35 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया

सार

Bihar News: गया से बोकारो सेल के अधीन एक कंपनी के तहत काम दिलाने के नाम पर तीन युवकों से एक करोड़ 25 लाख रुपये की ठगी की गई है। पीड़ित के बयान पर मगध मेडिकल थाने में नामजद दो आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बोकारो सेल के अधीन एलएंडटी-ईसीसी के अंतर्गत काम दिलाने के नाम पर बिहार के गया शहर के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र से फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। जहां पांडेय परसावां गांव के रहने वाले सुरेश पांडेय के बेटे कमलेश कुमार समेत तीन युवकों से एक करोड़ 25 लाख रुपये की ठगी की गई है।

विज्ञापन


पीड़ित के बयान पर थाने में एफआईआर दर्ज
इस मामले को लेकर पीड़ित कमलेश कुमार के बयान पर मगध मेडिकल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित ने अपने आवेदन पत्र में बताया कि उसने अपने गांव के रहने वाले सुबोध कुमार और चचेरे भाई सुधांशु के साथ मिलकर एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाया था। उक्त कंपनी का नाम शुभ घराना रखा और कंपनी के जरिए कुछ प्रोजेक्ट करने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान उसकी मुलाकात सुबोध के रिश्तेदार बोकारो के उज्जवल शर्मा से गांव में हुई। उसने बोकारो सेल के अधीन एलएंडटी-ईसीसी के अतंर्गत काम दिलाने का आश्वासन दिया और एक नई कंपनी बनाने की बात कही। आरोपी के कहने पर परसावां प्राइवेट लिमिटेड के नाम का रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद उज्जवल ने एलएंडटी कंपनी के नाम से वर्क ऑर्डर लाकर दिया और मैटेरियल के नाम पर पैसे की डिमांड की।

लगातार साझा कर रहा था फर्जी जानकारी
पीड़ित ने आवेदन में आगे बताया कि आरोपी बोकारो सेल और एलएंडटी कंपनी के अलग-अलग अधिकारी और कर्मचारी के नाम पर फर्जी ई-मेल तैयार करके पेमेंट कंफर्मेंशन और कंपनी से जुड़ी फर्जी जानकारी साझा करता रहा। इस दौरान आरोपी उज्जवल ने अपने पत्नी के बैंक खाता में एक करोड़ 25 लाख रुपये ले लिया। उसके बाद आरोपी ने बताया कि बोकारो सेल कंपनी की ओर से परसावां प्राइवेट लिमिटेड को एक करोड़ 93 लाख 63 हजार 320 रुपये का भुगतान किया जाना है।
विज्ञापन


टालमटोल की तो हुआ शक
पीड़ित ने बताया कि जब भुगतान नहीं हुआ और आरोपी उज्जवल टालमटोल करने लगा तो उसकी गतिविधि पर शक हुआ। इसके बाद पीड़ित बोकारो सेल कंपनी पहुंचा और वहां संपर्क किया। तब जानकारी मिली कि उनकी कंपनी के नाम पर वहां कोई कामकाज नहीं किया गया है। 

इधर, पीड़ित कमलेश कुमार के बयान पर मगध मेडिकल थाने में बोकारो के रहने वाले उज्जवल शर्मा और उनकी पत्नी आकांक्षा पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें