भाजपा की रैली के दौरान पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। उज्जैर अहमद को झारखंड के रांची से एनआईए ने दबोचा।
इस तरह अब तक मामले में चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पूछताछ के लिए कुछ और लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने धमाकों के मामले की जांच एनआईए को सौंप दी है।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया कि इस घटना की जांच एनआईए से कराई जाए। नीतीश ने शिंदे से मिलकर अनुरोध किया कि पटना बम विस्फोट के मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाए।
रांची पुलिस की मदद से बुधवार को एनआईए की टीम ने उज्जैर अहमद को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, बिहार के पूर्वी चंपारण के अलौली गांव से तबीश न्याज उर्फ अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों ने बताया कि अरशद का फोन नंबर इम्तियाज के मोबाइल में था, जिसके बाद पुलिस उस तक पहुंची। इससे पहले पुलिस इम्तियाज अंसारी और तौसीम को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक छह अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
वहीं, बम प्लांट करने के दौरान घायल हुए एनुल उर्फ तारिक की हालत गंभीर बनी हुई है। बम से निकले छर्रे उसके दिमाग में घुस गए हैं। उसे जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। एनआईए का मानना है कि तारिक से अहम जानकारी हासिल हो सकती थी।