देश को लगातार धमाकों से दहला रहे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का नया चेहरा बनकर उभरे तहसीन अख्तर उर्फ मोनू के चाचा तकी अख्तर जदयू के नेता हैं।
हालांकि तकी ने पटना सीरियल ब्लास्ट के मास्टरमाइंड तहसीन से अब अपना कोई संबंध होने से इंकार किया है।
जदयू के समस्तीपुर जिला महासचिव तकी ने कहा कि जनवरी, 2011 में मनियारी गांव स्थित हमारी पैतृक संपत्ति का बंटवारा हो गया था। तब से हमारा तहसीन के परिवार से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, 'हमारा तहसीन या उसके परिवार से अब कोई लेना देना नहीं है। तहसीन को उसके किए की कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।' तकी ने कहा कि वह तहसीन के परिवार से संबंध तोड़ने की बात कल्याणपुर थाने में दर्ज एफआईआर में भी कह चुके हैं।
यासीन भटकल के बाद तहसीन को आईएम में नंबर दो पर माना जाता है। जांच में सामने आ रहा है कि पटना में हुए धमाकों की पूरी साजिश भी तहसीन ने ही रची।
तहसीन के दादा मोहम्मद जहरुल हक पुलिस इंस्पेक्टर रहे थे, जबकि उसके पिता वसीम अख्तर किसान हैं। तहसीन तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। दोनों छोटे भाई स्कूल में पढ़ रहे हैं।
तहसीन ने हाईस्कूल मनियारी स्थित स्कूल से किया और फिर इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए दरभंगा चला गया। जहां उसकी मुलाकात भटकल से हुई थी।